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इंदौर के राजवाड़ा में पहली बार कैबिनेट बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय

भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर मेट्रोपॉलिटन विकास प्राधिकरण बनेगा
इंदौर । इंदौर के राजवाड़ा में पहली बार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें मध्य प्रदेश के शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए मध्य प्रदेश महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम 2025 के प्रारूप को मंजूरी दी गई। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में मेट्रोपोलिटन विकास प्राधिकरण बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। इस प्राधिकरण का उद्देश्य शहरों का सुव्यवस्थित विकास करना होगा और यह नगर निगम या अन्य प्राधिकरणों के कार्यों को प्रभावित नहीं करेगा। मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के चेयरमैन होंगे। प्राधिकरण 25 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाएगा। इसके तहत तीन स्तरों की समितियां बनाई जाएंगी, जिनमें दो स्तरों में मुख्यमंत्री शामिल होंगे और तीसरे स्तर में स्थानीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि होंगे।
यहां आने वाले दिनों में पीने के पानी की जरूरत कितनी होगी? खेती के लिए कितने पानी की जरूरत होगी? कितने वाहनों के आवागमन की व्यवस्था करनी होगी? ये सब काम इसमें किए जाएंगे। इसमें सभी विधायक भी अपने सुझाव दे सकेंगे।
इंदौर के एमवाय को 773 करोड़
होलकर नरेश यशवंतराव ने एमवाय अस्पताल बनवाया। इसके बाद उसमें कोई बड़ा काम नहीं हुआ। 773 करोड़ रुपए से वर्तमान व्यवस्था से दोगुनी व्यवस्था होगी। यह हॉस्पिटल हार्ट, लिवर की सर्जरी होगी, ताकि लोगों को दिल्ली-मुंबई न जाना पड़े। रीवा के जिला अस्पताल को 321 करोड़ रुपए दिए हैं। सेंट्रल इंडिया के लिए गरीब और मध्यमवर्गीय के लिए बड़ा तोहफा है।
पीपीपी मोड पर वर्किंग वूमन हॉस्टल बनेंगे
विजयवर्गीय ने कहा कि वर्किंग वूमन हॉस्टल इंडस्ट्रियल एरिया में बनाने के प्रस्ताव पर मंत्रियों ने सुझाव दिया है कि उद्योगपति सीएसआर फंड से भी यह काम कर सकते हैं। इसे पीपीपी मोड पर भी बनाने का काम किया जा सकता है। सभी जिलों में बनाएंगे। पीथमपुर में, मालनपुर, उज्जैन में बनेंगे। इंडस्ट्रिलिस्ट से सीएसआर मद में बनवाएंगे। पीपीपी मोड में भी बनवाएंगे। खासकर औद्योगिक क्षेत्र में महिलाएं सुरक्षित रह सकें, इसलिए ये योजना है। बैठक में प्रदेश में वर्किंग वुमन हॉस्टल के लिए 249.66 करोड़ की परियोजना स्वीकृत की गई है। भारत सरकार की स्पेशल असिस्टेंस फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट 2024-25 स्कीम के तहत परियोजनाएं स्वीकृत की गई है। इसमें औद्योगिक पार्क विक्रम उद्योगपुरी उज्जैन के लिए 66.36 करोड़, औद्योगिक पार्क पीथमपुर सेक्टर-1 और सेक्टर-2 धार के लिए 76.46 करोड़, औद्योगिक पार्क मालनपुर-घिरौंगी, भिंड के लिए 29.41 करोड़, औद्योगिक पार्क मंडीदीप, रायसेन के लिए 77.43 करोड़ रुपए को स्वीकृति दी गई। मालनपुर परियोजना के लिए भारत सरकार से 23.16 करोड़ स्वीकृत। शेष ?6.25 करोड़ एमपीआईडीसी द्वारा वहन किया जाएगा।
ओंकारेश्वर को 2100 करोड़, संस्कृति केंद्र बनाएंगे
ओंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की प्रतिमाओं के आसपास सनातन परंपराओं के विकास के लिए 2100 करोड़ का प्रावधान किया है। लोग रहकर पढक़र, रिसर्च, अध्ययन, लाइब्रेरी में पढ़ सकेंगे। टूरिज्म के लिए बढिय़ा रहेगा। भारत की सनातन परंपरा को जानने का मौका मिलेगा। एक हजार लोग रह सकें इसलिए होस्टल बन रही है। इसमें फाइव स्टार कमरे भी रहेंगे। संस्कृति केंद्र बनेगा। पर्यटन के क्षेत्र में क्रांति लाएगा। उज्जैन में महाकाल लोक बनने के बाद दर्शकों की संख्या बढ़ी है और इकोनॉमी बदली है। इसी तरह का काम ओंकारेश्वर के क्षेत्र में किया जाएगा जो इकोनॉमी बदलने का काम करेगा।
शुरू होगा लोकमाता देवी अहिल्या बाई प्रशिक्षण कार्यक्रम
कैबिनेट ने प्रदेश में कौशल विकास के लिए लोकमाता देवी अहिल्या बाई प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू करने को स्वीकृति दी है। इसमें प्रदेश के युवाओं को रोजगार से जोडऩे के लिए नया प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा। इसमें महिला और पुरुष कोई भी शामिल हो सकेगा।

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