शासकीय ग्रंथालय के अध्ययन कक्ष में पहुंचकर तैयारी कर रहे छात्रों को दिया गाईडेंस
दमोह : जब हम लोग इस उम्र में थे, तब हम तैयारी कर रहे थे, तब हम भी वैसी ही मानसिक अवस्था में थे जैसे आज यह विद्यार्थी हैं। बस इतना अंतर आया है कि पहले हम कुर्सी के उस तरफ थे और अब कुर्सी के इस तरफ आ गए हैं। हमारा कर्तव्य बनता है कि इन विद्यार्थियों के लिए मार्ग प्रशस्त करें, ताकि यह सिविल सेवाओं और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं में दमोह जिले का नाम रोशन करें और इसको क्लियर करें। इस उद्देश्य से जो बेहतर से बेहतर सुविधाएं इन्हें उपलब्ध करा सकते हैं, इसके लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके लिए हमारी पूरी टीम दिन-रात काम कर रही है, इन्हीं की मेहनत से पूरा हॉल तैयार हो गया है जिसमें 100 से अधिक विद्यार्थी साथ बैठकर पढ़ सकते हैं, अब यहां पर लगभग 200 विद्यार्थियों के बैठने की कैपेसिटी हो गई है। यह बात कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने आज पुरानी जिला पंचायत शासकीय ग्रंथालय के अध्ययन कक्ष में आयोजित विद्यार्थियों के सेमीनार में कही। कलेक्टर श्री कोचर ने कहा राज्य शासन से भी बात की है, एक पूरा प्लान इसका तैयार कर रहे हैं, यह प्लान तैयार कराकर राज्य शासन को भेजेंगे, ताकि इस जगह को और बेहतर तरीके से विद्यार्थियों के उपयोग के लिए डेवलप कर सके। इसको एक ज्ञान कुंज के रूप में डेवलप करेंगे, साथ में यहां पर पीने के पानी की व्यवस्था और बाकी सारी सुविधाओं का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा जब यह ज्ञान कुंज होगा तो यहां पर एक ज्ञान समिति होगी, वह समिति यहां के सारे कार्यों की देखरेख और मॉनिटरिंग करेगी, इससे चीज और ज्यादा बेहतर हो पायेंगी। अभी केवल यह शुरुआत है, इसको और बेहतर बनाएंगे और हर रविवार को यह तय किया है कि विद्यार्थियों के लिए 1 घंटे का लेक्चर अलग-अलग फील्ड के जो विशेषज्ञ है, उनको बुलाकर लिया जायेगा। विद्यार्थियों से यह भी कहा गया है कि यदि किसी पार्टिकुलर विषय में कोई पार्टिकुलर कोचिंग चाहिए हो तो हमें बताएं, विषय विशेषज्ञों को दमोह में बुलाकर नि:शुल्क इन विद्यार्थियों को इस संबंध में नॉलेज देने का काम किया जाएगा।
उन्होंने कहा हमारी कोशिश यही है कि जितने भी विद्यार्थी यहां पढ़ रहे हैं सभी सक्सेसफुल हो और आगे चलकर यह सरकारी सेवाओं में या जिन भी सेवाओं की ये तैयारी कर रहे हैं उसमें सफल होकर परिवार, समाज और देश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा मैं काउंसलर भी हूं, मुझे इन चीजों में रूचि रहती है कि विद्यार्थियों का करियर अच्छा बने, इसके लिए मैं खुद भी यहां पर आता हूं और लगातार मेरी निगाहें बनी रहती है, नौवीं कक्षा से लेकर ऊपर के जो विद्यार्थी पढ़ रहे हैं, जिनका भविष्य समय के सबसे महत्वपूर्ण मोड़ पर है, इसलिए कोशिश करता हूं कि उस क्षेत्र में अपना जितना योगदान दे सकूं दूं।

