भोपाल। बकरीद के 48 घंटे पहले, विश्व पर्यावरण दिवस पर एमपी के आईएएस अधिकारी और नॉवेल राइटर नियाज खान ने पशुओं के खून बहाने को अनुचित बताया है। उन्होंने दो अलग-अलग ट्वीट कर कहा है कि इस धरती पर सिर्फ मनुष्य ही नहीं बल्कि सबकी रक्षा होनी चाहिए। इससे पहले भी वे पेड़-पौधे उखाडऩे और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का विरोध जता चुके हैं।
लोक निर्माण विभाग में उप सचिव और एमपी कैडर के आईएएस अधिकारी नियाज खान ने आज एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दो ट्वीट किए। अपने ताजा ट्वीट में उन्होंने लिखा, पशुओं का खून बहाना कहीं से कहीं तक उचित नहीं है। इसके पहले उन्होंने पहले ट्वीट में लिखा कि यह धरती केवल मनुष्यों के ही लिए नहीं है। पेड़, पौधे, जीव जंतु इन सबका भी अधिकार है। इन सबकी भी रक्षा होनी चाहिए। इसके पहले किए गए ट्वीट में नियाज खान ने लिखा था कि जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया में स्पष्ट है। मौसम में परिवर्तन बहुत बार हो रहा है और तापमान तेजी से बढ़ रहा है। दुनिया भौतिकवाद में डूबी हुई है, जलवायु आपदा के बारे में ज्यादा चिंतित नहीं है। इस गंभीर मुद्दे को कौन सुलझाएगा? इस ग्रह को बचाना हर धरतीवासी का कर्तव्य है। सोशल मीडिया पर अपनी टिप्पणियों के लिए चर्चा में रहने वाले नियाज अक्सर विवादों का सामना भी कर चुके है। नियाज खान ने फरवरी में धर्म के मामले में टिप्पणी की। उन्होंने एक्स पर लिखा था-इस्लाम तो अरब का धर्म है। यहां तो सभी हिंदू थे। आईएएस अफसर नियाज खान ने दावा किया था कि भारत में हिंदू से लोग मुस्लिम बनाए गए थे। इसलिए भले ही धर्म अलग अलग हों लहू तो एक है।
