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29 लाख के फर्जीवाड़े के बाद आगजनी की घटना संदिग्ध
जबलपुर। जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर कटंगी कुसली लुहारी गुरुजी वेयरहाउस के बाहर रखी धान की बोरियों में गुरुवार की देर रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। यह आग कैसे लगी यह मामला अभी संदिग्ध है| आग लगी या लगाई गई इसकी जांच की जा रही है| बताया गया है कि गुरूजी वेयर हाउस पहले से ही विवादित है. समिति पर धोखाधड़ी किए जाने का मामला लंबित है. समिति प्रबंधक और केन्द्र प्रभारी फरार हैं. समिति पर एक करोड़ 29 लाख रुपए का फर्जीवाड़ा किए जाने का आरोप है.
आग लगने की सूचना मिलते ही कटंगी पुलिस सहित फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और उन्होने आग पर काबू पाया| कटंगी पुलिस के मुताबिक शुक्रवार को गुरुजी वेयरहाउस के बाहर रखी धान की बोरियों में आग लगाए जाने को लेकर अमृत कुमार प्यासी ने एक लिखित शिकायत दी हैं। जिसकी जांच की जा रही है| शिकायत में प्रथम दृष्टया यह बात सामने आई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति के द्वारा जानबूझकर 5 जून के रात करीबन 11 बजे गुरुजी वेयरहाउस के सामने परिसर में बोरियों में रखी हुई धान के चारों तरफ से आग लगाई गई है। यहां लगभग कुल 5 हजार 528 धान की बोरियां रखी थी जिनमें करीब 1 हजार बोरियां जलकर राख हो गई| जिसकी कीमत लगभग 9 लाख रुपये है। कटंगी पुलिस ने लिखित शिकायत के बाद अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धारा 326 (च), 324 (5), बी. एन. एस. के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।
एफआईआर के बाद बाहर रखी थी बोरियां………….
यहां गौरतलब है कि गुरुजी वेयर हाउस के बाहर सामने परिसर में 5 माह पूर्व से कटंगी सेवा सहकारी समिति केन्द्र क्र. 1 के समिति प्रबंधक द्वारा किसानों से खरीदी गई 5 हजार 528 बोरियां धान खरीदी 23 जनवरी 2025 के बाद (खरीदी बंद होने के बाद) रखी गई थी। जिस संबंध में खाद्य विभाग कलेक्ट्रेट जिला जबलपुर के खाद्य अधिकारियों के द्वारा जांच की गई जांच उपरांत अनियमितताएं पाए जाने पर कटंगी थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। लिहाजा धान वेयर हाउस के अंदर न रखकर समिति के द्वारा वेयरहाउस के बाहर ही रखी गई थी। इस मामलें पर समिति प्रबंधक और केंद्र प्रभारी अभी फरार चल रहे हैं|
एक माह पूर्व कलेक्टर ने दिए थे नीलामी के आदेश……..
फर्जीवाड़ा के बाद जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना द्वारा लगभग 1 माह पूर्व वेयर हाउस के बाहर रखी हुई धान को नीलामी करने के आदेश दिए गए थे| हाल ही में 5 जून को नीलामी की प्रक्रिया के पूर्व पाटन तहसीलदार एवं कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी आभा शर्मा, धान की बोरियों की गिनती की गई‌ एवं पंचनामा तैयार किया गया था।
फर्जीवाड़ा पर पर्दा डालने की कोशिश ……….
सूत्रों का कहना है कि वेयरहाउस के बाहर रखी धान में आग लगना संदिग्ध माना जा रहा है| धान खरीदी में किए गए फर्जीवाड़ा पर पर्दा डालने के लिए आग लगवाई गई| अमृत कुमार प्यासी द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है|

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