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शासन की छात्रवृति योजना तोड़ रही दम

छिंदवाड़ा। शाासन प्रशासन द्वारा एससी-एसटी वर्ग के विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। जिसमें एक छात्रवृति योजना भी है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से शासन की यह योजना दम तोड़ती नजर आ रही है। जिले भर के एससी-एसटी वर्ग के विद्यार्थियों को तीन वर्षों से स्कॉलशिप नहीं मिल पा रही है। स्कॉलशिप ना मिलने की मुख्य वजह विद्यार्थियों की प्रोफाईल अपडेट ना होना बताई जा रही है। शिक्षकों की लापरवाही के चलते सैकड़ों बच्चों की स्कॉलशिप तीन वर्षों से रूकी पड़ी हुई है। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी अनुसार वर्ष 2022-23 में तीन हजार से विद्यार्थी है जिनकी छात्रवृत्ति पेडिंग है। दरअसल पेंडिंग प्रोफाइल में जन्म तिथि, आधार में नाम स्पेलिंग जैसी तकनीकी समस्या आने के कारण छात्रवृत्ति अटक गई है। नियमानुसार जब तक दस्तावेज में त्रुटियां नहीं सुधरेगी तब तक प्रोफाइल अपडेट नहीं होगी और छात्रवृत्ति बैंक खातों में नहीं जाएगी। नतीजतन बहुत से विद्यार्थियों के बैंक खेत और आधार लिंक के कारण मामला अटक गया है। वहीं इस काम को देखने वाला शिक्षा विभाग का अमला भी इन दस्तावेजों को सुधरवाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है लेकिन पेंडिंग आंकड़ा कम नहीं हो रहा है। हालांकि अब संकुल स्तर पर लंबित मामलों को सुलझाने के निर्देश दिए गए है।
दस्तावेजों में मिल रही भिन्नता
प्रोफाइल अपडेट ना होने की सबसे मुख्य वजह विद्यार्थियों के दस्तावेजों मेंं जन्मतिथि, नाम व उनकी स्पेलिंग में भिन्नता पाई जा रही है। इस वजह से प्रोफाइल अपडेट नहीं हो पा रही है। विद्यार्थियों को पहले अपने दस्तावेजों में सुधार करना होगा इसके बाद ही प्रोफाइल अपडेट हो पाएगी। लेकिन जिन छात्रों की प्रोफाइल नहीं बनी है उसमें लगभग सभी प्रकरणों में इन दस्तावेजों में लिखे गए जन्म तारीख, नाम की स्पेलिंग एक समान नहीं होने के कारण पहले इसे सुधरवाना यानी अपडेट कराना होगा। यानी अगर किसी भी दस्तावेज में जन्मतिथि में भिन्नता आती है तो प्रोफाइल नहीं बन पाती है ऐसा ही कुछ नाम की स्पेलिंग को लेकर भी है। विद्यार्थियों की प्रोफाइल अपडेट करने के लिए उनका डिजीटल जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, समग्र आईडी, जाति प्रमाण पत्र लगते है।
दस्तावेज बनाने छूट रहा पसीना
समग्र आईडी, जन्मतिथि प्रमाण पत्र, आधार कार्ड में नाम की स्पेलिंग या जन्मतिथि बनाने में पसीना छूट रहा है। दरअसल किसी भी दस्तावेज में एक भी त्रुटि होने के कारण इसे सुधारने के लिए समय लग जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी डिजीटल जन्म प्रमाण पत्र बनाने में हो रही है।
शिक्षकों को दी गई हिदायत
जिला शिक्षा अधिकारी जीएस बघेल द्वारा शिक्षकों को प्रोफाइल अपडेशन कार्य गंभीरता से करने के निर्देश दिए गए है। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में भी प्राचार्यों व शिक्षकों को प्रोफाइल अपडेशन का कार्य सयम सीमा पर करने की बात कही थी। वहीं उन्होंने कहा था कि अपडेशन कार्य की समय समय पर समीक्षा की जाएगी। अगर उसमें शिक्षकों की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्यवाहीं की जाएगी।
जिले में इतने मामले लंबित
वर्ष 2022-23 में 3160
वर्ष 2023-24 में 3538
वर्ष 2024-25 में 5221

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