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पेरिस। पैरिस जैसे शहर में देह व्यापार की काफी चमक-दमक थी। ऐसे में ग्राहकों को लग्जरी के तौर पर यह कंडोम दिया जाता था। इस कंडोम की एक और खास बात है कि इस पर एक तस्वीर छपी है। इस तस्वीर में एक अर्द्धनग्न महिलाएं खड़ी है। वहीं कंडोम पर लिखा है, वोयला मॉन चॉयस। इसका अर्थ है, यह मेरी मर्जी है। रिपोर्ट में बताया गया कि इस कंडोम पर बनी तस्वीर एक ग्रीक माइथोलोजी से प्रेरित है। 19वीं सदी में हाल यह था कि कंडोम को बेहद बुरा माना जाता था। हालांकि कोठों में इसका इस्तेमाल छिपकर किया जाता था। इस कंडोम की लंबाई करीब 20 सेंटीमीटर है।
जानकर हैरानी होगी कि कंडोम का इस्तेमाल आज से 200 साल या फिर उससे भी पहले होता था। एम्सटर्डम के रिक्सम्यूजियम में जब 1830 के आसपास के एक प्रिंटेड कंडोम को रखा गया तो देखने वालों को तांता लग गया। लोग इस 200 साल पुराने कंडोम की कहानी भी जानना चाहते थे।
दरअसल यह कंडोम किसी लग्जरी फ्रेंच कोठे से पाया गया था। रिपोर्ट में बताया गया कि इसे भेड़ की आंत से तैयार किया गया था। इतने साल बीत जाने के बाद भी यह खराब नहीं हुआ। रिपोर्ट में बताया गया कि बीते साल नीदरलैंड्स के हारलेम शहर में नीलामी के दौरान इस कंडोम को 1000 यूरो यानी करीब 90 हजार रुपये में खरीदा गया था। 19वीं सदी में देह व्यापार और सेक्शुअलिटी को दिखाने के लिए म्यूजियम की प्रदर्शनी में इसे शामिल किया गया। इस कंडोम की जांच की गई तो पता चला कि इसका कभी इस्तेमाल नहीं किया गया है। जानकारों का कहना है कि यौन आनंद के लिए और अवांछित गर्भ से छुट्टी पाने के लिए इस कंडोम का इस्तेमाल किया जाता था।

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