Spread the love

कंपनी सुपरवाइजर, मशीन ऑपरेटर के खिलाफ अपराध दर्ज

19 मई को विद्युत करंट लगने से एक ग्रामीण की हुई थी मौत
बालाघाट । भरवेली थाना क्षेत्र के ग्राम बोदा में 19 मई को हुए नहर लाइनिंग हादसे में एक व्यक्ति की मौत और एक के घायल होने के मामले में पुलिस ने ओम कंस्ट्रक्शन कंपनी के सुपरवाइजर और मशीन ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई मर्ग जांच के बाद की गई। घटना 19 मई की है। पुलिस ने इस मामले में ओम कंस्ट्रक्शन कंपनी के सुपरवाइजर रवि पिता सुमरे वर्मा 27 वर्ष निवासी कुंडीपुरा जिला छिंदवाड़ा और मशीन ऑपरेटर लीलाजी उर्फ नीलेश पिता प्रभुदयाल ठाकरे 31 वर्ष निवासी ग्राम मानेगांवकला थाना बरघाट जिला सिवनी के खिलाफ धारा 125 (ए), 106 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार गांगुलपारा जलाशय से निकली नहर के लाइनिंग का कार्य किया जा रहा है। 19 मई को ग्राम बोदा गांव में नहर की लाइनिंग के लिए पोकलेन मशीन की मदद से बिजली पोल शिफ्टिंग का कार्य किया जा रहा था। मशीन ऑपरेटर लीलाजी ठाकरे ने सुकबीर दमाहे और फूलचंद लिल्हारे को लोहे के विद्युत पोल को पकडऩे कहा था। तभी वह पोल पास से गुजर रही 11 केवी विद्युत लाइन के संपर्क में आ गया। इससे दोनों को करंट लग गया। करंट लगने से 45 वर्षीय सुकबीर दमाहे की अस्पताल लाने के दौरान मौत हो गई, जबकि 30 वर्षीय फूलचंद लिल्हारे गंभीर रूप से झुलस गया था। फूलचंद को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। इस दौरान पीडि़त परिवार और ग्रामीणों ने शव रखकर प्रदर्शन भी किया था। पीडि़त परिवार को मुआवजा देने की मांग की थी।
ग्रामीणों ने की थी मुआवजे की मांग
हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने शव रखकर प्रदर्शन करते हुए मुआवजे की मांग की थी। ग्रामीणों ने इस दुर्घटना के लिए निर्माण कार्य करवा रहे ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराया था और संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। ग्रामीणों ने घटना को लेकर काफी आक्रोश जताया। शव के पोस्टमॉर्टम को लेकर कुछ समय तक गहमागहमी की स्थिति भी बनी थी।
इस आधार पर माना जिम्मेदार
मर्ग जांच के बाद भरवेली पुलिस ने सुपरवाइजर रवि वर्मा और मशीन ऑपरेटर लीलाजी ठाकरे को घटना के लिए जिम्मेदार माना। मर्ग डायरी का अवलोकन किया। पंचनामा कार्यवाही, मृतक की पीएम रिपोर्ट, विद्युत विभाग से प्राप्त रिपोर्ट का सूक्ष्मता से अध्ययन किया। घायल फूलचंद लिल्हारे, घटना स्थल के साक्षी पीतम लिल्हारे, राजेश गोमासे, कृपाल लिल्हारे, सुरेंद्र के बयान दर्ज किए। जिससे स्पष्ट हुआ कि कंपनी के सुपरवाइजर और मशीन ऑपरेटर ने नहर के ऊपर से गई 11केवी की विद्युत लाइन को बंद नहीं कराया था। सुरक्षा साधनों का उपयोग नहीं किया गया। लापरवाहीपूर्वक कार्य कराते हुए सुखबीर दमाहे और फूलचंद लिल्हारे को लोहे का पाइप, जिसमें घरेलू विद्युत लाइन का तार गया हुआ था को पकडऩे के लिए बोला गया था। उसी समय अचानक यह हादसा हो गया। इस मामले में सुपरवाइजर रवि वर्मा और ऑपरेटर लालाजी ठाकरे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 125(ए) और 106 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *