
दमोह । किसान भाई डीएपी के ब्रांड की तरफ ना जायें। डीएपी केवल एक ब्रांड उसमें जो हमारे कम्पोनेन्ट्स होते हैं, जो कम्पोनेन्ट खाद के रूप में चाहिए वह एन.पी.के और टी.एस.पी में उपलब्ध है बल्कि उससे बेहतर तरीके से उपलब्ध है, जो पोटैशियम, नाइट्रोजन, फास्फोरस की मात्रा होती है, वह एन.पी.के और टी.एस.पी में उपलब्ध है, डीएपी के पीछे क्यों भागे, किसानों से आग्रह है डिमांड डीएपी की ना करें। डीएपी की बजाय एन.पी.के, टी.एस.पी, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का उपयोग करें और इसके उपयोग से बेहतर उर्वरता किसानों की खेती में आएगी और बेहतर फसल होगी।यह बात कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने जिले के किसानों से कही है। कलेक्टर श्री कोचर ने कहा यह बात बिल्कुल क्लियर है कि ऐसा ही लगातार डीएपी का उपयोग चलता रहा तो कुछ सालों के बाद धरती बंजर हो जाएगी और किसान पैदावार नहीं ले पाएंगे। आप सब किसान भाई जानते है, कि सभी बोनी के लिए तत्पर हो रहे हैं, ऐसे समय में खाद की मांग आती है और जब खाद की बात आती है तो सभी के दिमाग में सबसे पहले डीएपी आता है, कि डीएपी है कि नहीं।
उन्होंने किसानों से आग्रह किया है कि बिल्कुल भी पैनिक नहीं करना है, जिला प्रशासन हर जगह 4-4 काउंटर लगा रहा हैं जिसमें एक निजी विक्रेता का काउंटर भी है और इन काउंटरों के माध्यम से डीएपी और यूरिया की बिक्री और सारे खादों की बिक्री होने वाली है। तो किसी प्रकार कोई किल्लत की स्थिति नहीं है। बाकी सब खाद जो पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने कहा डीएपी की उपलब्धता नहीं है, किसान भाई डीएपी के लिए अनावश्यक रूप से चिंतित न हो। डीएपी के बजाय एन.पी के और बाकी खादों का इस्तेमाल आराम से करें। जिले में पर्याप्त काउंटर की व्यवस्था की गई है, कृषि सहकारी समितियां हैं, उन पर अग्रिम भंडारण ऑलरेडी कर चुके हैं, जो किसान इन समितियों के सदस्य हैं वह कृपया तत्काल वहाँ से ले सकेंगे। वहाँ पर पर्याप्त मात्रा में एन.पी.के, टी.एस.पी खाद उपलब्ध है, इसलिए मेरा सभी किसानों से अनुरोध है कि डीएपी की अनावश्यक रूप से डिमांड ना करें।
