
पनवेल। नवी मुंबई से सटे पनवेल तालुका के न्हावे गांव की रहने वाली एयर होस्टेस मैथिली पाटिल की अहमदाबाद विमान दुर्घटना में मौत हो गई। संघर्ष से एयर होस्टेस बनने का सपना देखने वाली और उसे साकार करने वाली मैथिली ने पूरे रायगढ़ जिले और उरण क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। उनके रिश्तेदारों ने बताया कि मैथिली जब भी फ्लाइट में जाती थीं, अपने साथ भगवद गीता लेकर जाती थीं। महज 22 साल की उम्र में आसमान में उड़ने वाली मैथिली ने दो साल पहले एयर इंडिया में एयर होस्टेस के तौर पर काम करना शुरू किया था। वह परिवार में अकेली कमाने वाली थीं। उनके जाने से पाटिल परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पूरा गांव दुख जता रहा है और कई लोगों की आंखों में आंसू हैं। मैथिली ने बचपन से ही अपनी छोटी बहन दृष्टि पाटिल की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठा ली थी। पिता की बीमारी के कारण पिछले 15 साल से दृष्टि अपने मामा के घर रह रही थी। फिलहाल वह बीटेक कर रही है। बड़ी बहन एयर होस्टेस बनी और उसका सपना छोटी को डॉक्टर या इंजीनियर बनाने का था। लेकिन अब यह सपना टूट चुका है। ऐसे में पूरे परिवार का सहारा रही मैथिली का चले जाना परिवार के लिए आर्थिक और मानसिक दोनों रूप से बड़ा झटका है। रिश्तेदारों ने बताया कि वह रोज सुबह भगवान श्री कृष्ण की पूजा करती थी। उसका हृदय हमेशा भक्ति और प्रेम से भरा रहता था। उसने अपनी पहली सैलरी से भगवान श्री कृष्ण के लिए सोने की चेन बनवाई थी। वह काम पर जाते समय अपने साथ कृष्ण और भगवद गीता ले जाती थी। मैथिली बहुत ही समझदार और बुद्धिमान लड़की थी। उसका एक बड़ा सपना था और उसने उसे पूरा भी किया। लेकिन किस्मत को यह मंजूर नहीं था।
