

56 लाख रुपए का था इनाम घोषित, मध्यप्रदेश में दर्ज हैं 102 आपराधिक मामले
मलाजखंड, टांडा और दर्रेकसा दलम से जुड़े थे नक्सली , फरार व घायल नक्सलियों की तलाश में जुटे जवान
बालाघाट। रुपझर थाना क्षेत्र अंतर्गत सोनेवानी चौकी के पचामा-दादर व कटेझिरिया के घने जंगलों में शनिवार को हुई नक्सली मुठभेड़ में मारे गए चारों नक्सलियों की पहचान कर ली गई है। इन पर मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सरकारों द्वारा कुल 56 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इन नक्सलियों के खिलाफ मध्यप्रदेश में 102 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज है। मृत नक्सली मलाजखंड, टांडा और दर्रेकसा दलम से जुड़े हुए थे। इधर, मुठभेड़ के बाद घायल व फरार नक्सलियों की तलाश में जवान जुटे हुए है। जंगलों में सर्च अभियान जारी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की पहचान रीता उर्फ तुब्बी श्रीरांगु हिडामी पति चंदू उर्फ देवचंद, रवि, तुलसी उर्फ विमला उर्फ ईमला और सुमन के रूप में की गई है। इनमें से तीन महिला नक्सली थीं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दो नक्सली मलाजखंड दलम, एक टांडा दलम, और एक दर्रेकसा दलम से जुड़े हुए थे। प्रत्येक नक्सली पर तीनों राज्यों में 14-14 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इस बड़ी कार्रवाई को सुरक्षा बलों की लंबी रणनीति और सटीक सूचना का नतीजा माना जा रहा है।
पचामा-दादर व कटेझिरिया के जंगल में हुई थी मुठभेड़
शनिवार को पचामा-दादर व कटेझिरिरया के जंगल में जवानों का नक्सलियों से आमना-सामना हुआ था। जंगल में जीआरबी डिविजन (गोंदिया, राजनांदगांव, बालाघाट) के नक्सलियों के एक समूह के होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर हॉकफोर्स, जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ के जवानों द्वारा कार्डन व सर्च ऑपरेशन चलाया गया था। इस दौरान नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को देखकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। जवानों ने भी अपनी सूझबूझ से जवाबी फायरिंग की। इस कार्यवाही में 4 हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराने में सफलता मिली है, जबकि अन्य कुछ नक्सली भागने में सफल हो गए थे। घटना के बाद से जंगलों में सघन सर्चिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है। हालांकि शनिवार शाम तेज बारिश के चलते अभियान में थोड़ी बाधा आई, लेकिन रविवार को मौसम साफ होते ही सुरक्षा बलों ने पुन: जंगलों में अभियान तेज कर दिया है। इस मुठभेड़ को बालाघाट जिले में नक्सल विरोधी अभियान की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, जल्द ही फरार नक्सलियों की भी धरपकड़ के लिए विशेष रणनीति के तहत कार्रवाई की जाएगी।
रीता पर 56 तो रवि पर दर्ज है 23 अपराध
मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों में सबसे अधिक रीता उर्फ तुब्बी श्रीरांगु हिडमी पति चंदू उर्फ देवचंद निवासी नवेझरी तहसील कोरची महाराष्ट्र पर मप्र में 56 अपराध दर्ज है। वहीं रवि निवासी पश्चिम बस्तर छत्तीसगढ़ पर 23, तुलसी उर्फ विमला उर्फ ईमला पर 13 और सुमन पर 10 अपराध दर्ज है। चारों ही मृत नक्सलियों में तीनों राज्यों में 14-14 लाख रुपए का इनाम घोषित है। इन नक्सलियों के पास से ग्रेनेड लांचर, 1 एसएलआर रायफल मय मैगजीन कारतू, .315 रायफल मय कारतूस, एक अन्य रायफल, एक जिंदा हैंड ग्रेनेड, डेटोनेटर, डेटोनेटर वायर, आईईडी निर्माण सामग्री, वॉकी-टॉकी सेट व अन्य संचार के उपकरण, 10 पिट्टू बैग, 10 बिंडोरी पाउच, नक्सल साहित्य, दैनिक उपयोग की सामग्री, टेंट सहित अन्य सामग्री को जब्त किया गया है।
जंगलों में जारी है सर्च ऑपरेशन
मुठभेड़ के बाद से जंगलों में सर्च ऑपरेशन जारी है। सीआरपीएफ, हॉकफोर्स, कोबरा बटालियन, जिला पुलिस बल द्वारा जंगलों में सर्चिंग की जा रही है। खासतौर पर उन क्षेत्रों पर विशेष निगाहें रखी जा रही है, जहां से नक्सलियों के भागने की संभावना है। इधर, सीमावर्ती क्षेत्रों पर भी अलर्ट कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ व महाराष्ट्र राज्य केनक्सल उन्मूलन में लगे जवानों से भी समन्वय स्थापित कर ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा है। ताकि नक्सली मध्यप्रदेश को छोडकऱ दूसरे राज्यों में प्रवेश न कर सकें। उल्लेखनीय है कि बालाघाट जिले में छत्तीसगढ़ राज्य के राजनांदगांव, कवर्धा कबीर धाम और मध्यप्रदेश के बालाघाट व मंडला जिले की सीमाएं आपस में मिली हुई है। ये सीमाएं कान्हा नेशनल पार्क क्षेत्र से लगी हुई है। दोनों राज्य जंगल के रास्ते आपस में जुड़े हुए है। इसी तरह महाराष्ट्र राज्य की सीमा भी बालाघाट जिले से लगी हुई है। जिसके चलते नक्सली बालाघाट के जंगलों से सीधे या तो महाराष्ट्र राज्या या फिर छत्तीसगढ़ में शरण ले लेते हैं।
