
दोबारा सक्रिय हो रहे संक्रमण ने दी गंभीर चेतावनी
जबलपुर। जबलपुर में कोरोना संक्रमण एक बार फिर दस्तक देता दिखाई दे रहा है। कोरोना जीरो 3 की लहर में अबतक 1 हफ्ते में तीन मरीज सामने आए थे. जिनमें से एक की मेडिकल कॉलेज अस्पताल में रविवार सुबह कोविड संक्रमित एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। यह मामला न केवल स्वास्थ्य तंत्र के लिए एक बड़ी चेतावनी है, बल्कि शहर में दोबारा सक्रिय हो रहे कोरोना संक्रमण की गंभीरता को भी दर्शाती है।
मृत महिला को गर्भावस्था के दौरान जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के गायनिक विभाग में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की देखरेख में उसने ऑपरेशन (पोस्टऑप एलएससी) द्वारा सफलतापूर्वक स्वस्थ जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। लेकिन ऑपरेशन के अगले ही दिन उसमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। संक्रमण की जानकारी मिलते ही उसे तत्काल कोविड वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, महिला को शनिवार रात करीब 9 बजे कोविड वार्ड में शिफ्ट किया गया था। वेंटिलेटर सपोर्ट की आशंका को देखते हुए एनेस्थीसिया विशेषज्ञों से सलाह ली गई थी। बावजूद इसके, रविवार सुबह महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। ऑक्सीजन सैचुरेशन तेजी से गिरा और ईसीजी रिपोर्ट में वेंट्रिकुलर टैचीकार्डिया — दिल की धड़कन का अत्यंत तेज और असामान्य हो जाना — दर्ज किया गया।
स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टरों ने तत्काल एमियोडेरोन नामक जीवनरक्षक दवा मंगवाने की कोशिश की, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद महिला को नहीं बचाया जा सका और सुबह 9:30 बजे उसे मृत घोषित कर दिया गया।
मेडिकल सूत्रों के अनुसार, महिला की स्थिति पहले से ही जटिल थी। उसमें पोस्टऑप एलएससी, पीपीआईयूसीडी, पीपीआरओएम, पीटीएलपीएस, पिछला सिजेरियन सेक्शन, सार्स कोविड-2 संक्रमण, रेस्पिरेटरी फेल्योर और शॉक जैसे अनेक चिकित्सकीय जटिलताएं एक साथ पाई गईं। इन सभी कारकों ने मिलकर उपचार को चुनौतीपूर्ण बना दिया।
कोरोना का बढ़ता खतरा..
इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने शहर में कोरोना संक्रमण को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। हाल ही में जिले में कोविड के दो और नए मामले सामने आए हैं, जिससे कुल सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। अधिकारियों ने सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
