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चरित्र, मूल्यों और क्षमताओं का विकास करके राष्ट्र निर्माण में योगदान दिया जा सकता है –सीएम डॉ. यादव

पचमढ़ी। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता व केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने सांसद एवं विधायकों के प्रशिक्षण वर्ग के समापन सत्र को एवं प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने द्वादश सत्र को संबोधित किया। भाजपा के वरिष्ठ नेता व केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि सभी सांसद और विधायक हमेशा संगठन से जुड़े रहें, क्योंकि संगठन तब भी था, जब सत्ता नहीं थी। कार्यकर्ताओं को सम्मान दें और उनकी बात सुनें, क्योंकि भाजपा की असली ताकत जनता का भरोसा और कार्यकर्ताओं का परिश्रम ही है। जनता की सेवा हमारे डीएनए में है, हम जनसेवक हैं शासक नहीं है। जनता का भरोसा और कार्यकर्ताओं का परिश्रम ही भाजपा की असली ताकत है। जनता का भरोसा जीतें और हर संकट के समय सबसे पहले जनता के बीच पहुंचें। अपनी सोच को बड़ा रखिए, अपनी दृष्टि को बड़ा कीजिए। महापुरूषों की विचारधारा को आगे बढ़ाकर राष्ट्र निर्माण का कार्य करें। हमारा उद्देश्य सत्ता प्राप्ति नहीं, जनता की सेवा है, इसलिए हमने अपने विचारों से कभी समझौता नहीं किया। हमारी कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं इसलिए भाजपा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बनी। हमारे लिए राष्ट्र निर्माण और विचारधारा सबसे प्रथम है। मध्यप्रदेश का आदर्श कार्यकर्ता है, कभी मर्यादाएं नहीं तोड़ता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि चरित्र, मूल्यों और क्षमताओं का विकास करके राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दिया जा सकता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में स्वदेशी रक्षा उपकरण के प्रयोग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने कहा कि हमारी पार्टी की विचारधारा राष्ट्र निर्माण करने वाले विचारों की श्रृखला है। पंच निष्ठाएं हमारे वैचारिक अधिष्ठान और राष्ट्रीय चेतना जागृत करने का आह्वान भी है। देश के इतिहास, धर्म, परंपरा और संस्कृति को आगे ले जाने के लिए भाजपा का गठन हुआ है।
भाजपा की यात्रा में तीन चीजें नहीं बदलीं-प्रशिक्षण, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और गरीब कल्याण
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी ने प्रशिक्षण वर्ग के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी में प्रशिक्षण की परंपरा सतत और प्राचीन है। यह पार्टी की कार्यशैली का अंग है। आज भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी पार्टी है और उसकी एक अलग पहचान है। लेकिन पार्टी की इस विकास यात्रा में तीन चीजें नहीं बदलीं। ये हैं-प्रशिक्षण, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और गरीब कल्याण की भावना। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण वर्ग आप सभी के लिए पार्टी की वैचारिक यात्रा को समझने और आत्मसात, आत्मचिंतन करने का अवसर है। राजनाथ सिंह ने कहा कि श्रद्धेय अटलजी ने कहा था कि सत्ता प्राप्ति का उद्देश्य सिर्फ राष्ट्रसेवा होना चाहिए। हमारी जिस वैचारिक यात्रा का शुभारंभ डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी और पं. दीनदयाल उपाध्याय ने किया था वह आज भी जारी है ।


हमें जनसेवा को सबसे बड़ी साधना बनाना है
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आज जहां पहुंची है, उसमें हमारे पूर्वजों का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पं.दीनदयाल जी ने हमें एकात्म मानववाद दिया, श्रद्धेय अटलजी ने हमें संयम सिखाया और श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे जी के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। सभी जनप्रतिनिधियों को जनसेवा को सबसे बड़ी साधना बनाना है। यह प्रशिक्षण वर्ग इसी संकल्प को पुष्ट करने के लिए है। उन्होंने कहा कि हमारी परंपरा राष्ट्र प्रथम की रही है।
विकसित भारत हमारा संकल्प*
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि विकसित भारत हमारा लक्ष्य नहीं, बल्कि संकल्प है। भारत को आत्मनिर्भर, समावेशी और गौरवशाली राष्ट्र बनाने में आपकी भूमिका महत्वपूर्ण है। देश आज सुरक्षित है और सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। हमारी अर्थव्यवस्था 11 वें स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंचने जा रही है और ये बात सिर्फ आंकड़ों की नहीं है, बल्कि बदलाव जमीन पर दिखाई देता है। देश हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। रक्षा क्षेत्र में अब हम एक निर्यातक देश के रूप में उभर रहे हैं। भारत अपनी संप्रुभता और अखंडता की रक्षा करने में कोई समझौता नहीं करेगा, हमने यह ऑपरेशन सिंदूर में भी देखा है।


विचार, मूल्यों की राजनीति भाजपा की पहचान
केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी ने कहा कि पं. दीनदयाल जी जैसे नेताओं ने विचार और मूल्यों की राजनीति को स्थापित किया। आज भी हमारा कार्यकर्ता चुनाव हार सकता है, लेकिन विचार से नहीं हटता। यही वजह है कि भाजपा एक साधारण दल नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग किसी विभाग के मंत्री हैं, उन्हें यह याद रखना चाहिए कि वे विभाग प्रमुख नहीं, बल्कि जनसेवक हैं। मंत्री की कुर्सी सेवा की चौकी है।


संगठन द्वारा सौंपे गए हर कार्यो को हम पूरी निष्ठा से संपन्न करते हैं- डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी संगठन द्वारा सरकर का या संगठन का जो भी दायित्व हम कार्यकर्ताओं को सौंपा जाता है, हम लोग उसे पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ पूर्ण करते हैं। व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण की परम्परा एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें व्यक्ति के चरित्र, मूल्यों और क्षमताओं का विकास करके राष्ट्र के निर्माण में योगदान दिया जाता है। यह प्रक्रिया व्यक्ति को समाज में एक जिम्मेदार नागरिक बनाती है और व्यक्ति राष्ट्र निर्माण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब व्यक्ति अपने चरित्र, मूल्यों और क्षमताओं का विकास करते हैं, तो वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में मदद कर सकते हैं। मध्यप्रदेश में श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे, भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी एवं स्वर्गीय राजमाता सिंधिया ने अलग पहचान बनाकर पार्टी के विस्तार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से आंतकवाद को नेस्तानाबूत करके दुनिया में एक अलग पहचान बनाई है। भारतीय जनता पार्टी ने विकास से लेकर विरासत को संजोया है, हमने इंदौर व पंचमढ़ी में कैबिनेट बैठक आयोजित की। मध्यप्रदेश ने अनेकों निवेश के अवसर खोजे हैं। मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में निरंतर आगे बढ़ रहा है।

भाजपा का विकास और विस्तार कार्यकर्ताओं की पीढ़ियों के परिश्रम और पुण्य का प्रतिफल-डॉ. महेन्द्र सिंह
भाजपा के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह ने वर्ग के द्वादश सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा का विकास और विस्तार कार्यकर्ताओं की पीढ़ियों के परिश्रम और पुण्य का प्रतिफल है। भाजपा की विचारधारा केवल चुनाव जीतने की दृष्टि से गढ़ी गई रणनीति नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण करने वाले विचारों की श्रृंखला है। देश के आजाद होने के बाद जवाहरलाल नेहरू की सरकार में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी उद्योग मंत्री बनाए गए थे। लेकिन जवाहरलाल नेहरू ने वर्ग विशेष के दबाव में उन्हें लाभ पहुंचाने जम्मू-कश्मीर में धारा 370 लगा दी। जब नेहरू सरकार ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने को तैयार नहीं हुई तो डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने मंत्री पद त्याग कर आंदोलन शुरू कर दिया। वे धारा 370 हटाने के लिए आंदोलन करते हुए गिरफ्तार हुए और रहस्यमय तरीके से जेल के अंदर उनकी मौत हो गई।




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