
सुप्रीम कोर्ट तीन बार कर चुका है आरोप खारिज, तो बयानबाजी क्यों?- संजय उइके
बालाघाट । मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पर हाल ही में पूर्व सांसद कंकर मुंजारे द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर सोमवार को कांग्रेस जिला अध्यक्ष एवं बैहर विधायक संजय उइके ने स्पष्ट प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जिस विषय पर बयानबाजी हो रही है, उस मामले को सुप्रीम कोर्ट तीन बार खारिज कर चुका है। ऐसे में पुन: इस विषय को उठाना न सिर्फ अनुचित है, बल्कि सियासी मंशा से प्रेरित है।
जिला अध्यक्ष संजय उइके ने कहा कि उमंग सिंघार एक आदिवासी नेता हैं और वर्तमान में प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में हर वर्ग की समस्याओं को मजबूती से उठा रहे हैं। वे पूर्व मुख्यमंत्री जमुना देवी के भांजे हैं और एक प्रतिष्ठित, न्यायिक पृष्ठभूमि वाले संपन्न परिवार से आते हैं। कांग्रेस शासनकाल में वे डेढ़ वर्ष तक मंत्री भी रह चुके हैं। ऐसे व्यक्ति पर भ्रष्टाचार जैसे आरोप लगाना पूरी तरह से बेबुनियाद है। उइके ने साफ कहा कि यदि अदालत द्वारा तीन बार मामले को खारिज कर दिया गया है, तो इस तरह की बयानबाजी करना सिर्फ राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने विरोधियों को दबाने के लिए एजेंसियों का दुरुपयोग करती है। प्रदेश में जो भी जनहित की आवाज उठाता है, उसके खिलाफ सीबीआई जैसी एजेंसियों से जांच करवाई जाती है, जिससे उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ती है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार प्रदेश के उभरते हुए आदिवासी नेता हैं, जिन्हें दबाने का प्रयास प्रदेश सरकार कर रही है।
