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रायशुमारी में जातीगत समीकरण भी उभरा, क्षेत्रवाद रहा हावी
बालाघाट। संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत कांग्रेस जिला अध्यक्ष के चयन को लेकर की जा रही रायशुमारी सोमवार को समाप्त हो गई। पर्यवेक्षक सूरज हेगडे वापस दिल्ली लौट गए है। पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट 30 जून तक पार्टी हाईकमान को सौंपनी हैं। जिले के 6 विधानसभा क्षेत्रों में की गई रायशुमारी में क्षेत्रवाद के साथ जातीवाद का समीकरण भी हावी देखा गया।
रायशुमारी के अंतिम दिन बालाघाट, कटंगी, वारासिवनी विधानसभा क्षेत्र में जाकर पर्यवेक्षकों ने रायशुमारी की। उल्लेखनीय है पहले दिन परसवाड़ा, बैहर और लांजी में रायशुमारी की गई थी। इस रायशुमारी प्रक्रिया में केंद्रीय पर्यवेक्षक सूरज हेगडे, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया और दिनेश यादव ने पहले दिन रायशुमारी की। जबकि दूसरे दिन सिर्फ केंद्रीय पर्यवेक्षक सूरज हेगडे ने रायशुमारी की। सभी विधानसभा क्षेत्रों में अध्यक्ष पद के दावेदारों ने अपने-अपने समर्थकों से अपने नाम की पैरवी करवाई। पूरे जिले के सर्वे में यह बात उभरकर आई कि मौजूदा विधायक और पूर्व विधायक, सांसद, मौजूदा अध्यक्ष संजय उइके के लिए पैरवी की। वहीं जाती समीकरण के चलते एक मौजूदा विधायक ने अपने स्वजातीय नेता, कार्यकर्ताओं से पूर्व सांसद विश्वेश्वर भगत के लिए पैरवी करवाए जाने की खबर जोरो पर है।
जानकारी के अनुसार बालाघाट, वारासिवनी, बैहर में संजय उइके को दोबारा अध्यक्ष बनाए जाने की ज्यादातर कार्यकर्ताओं ने पैरवी की है। वहीं लांजी, परसवाड़ा, बैहर में कार्यकर्ताओं ने हिना कावरे को अध्यक्ष बनाए जाने की बात कही है। परंतु पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष हिना कावरे ने संजय उइके को ही अध्यक्ष बनाने की वकालत की है। लंाजी में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने हिना कावरे के निर्णय के साथ रहने की बात स्पष्ट रुप से पर्यवेक्षकों को कही है। वहीं परसवाड़ा से जो खबरे आ रही है उसके मुताबिक विधायक मधु भगत ने अपने स्वजातीय खास कार्यकर्ताओं से विश्वेश्वर भगत के लिए लॉबिंग करवाई है। कटंगी में ज्यादातर कार्यकर्ताओं ने बोधसिंह भगत के लिए कहा है। वहीं अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र में क्षेत्रवाद के चलते अजय अवसरे , विशाल बिसेन, अनूप सिंह बैस, भोजेश पटले का भी नाम रायशुमारी के दौरान सामने आया।
सम्राट अपने लिए करते रहे लॉबिंग
रायशुमारी के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सिंह सरसवार सभी विधानसभा क्षेत्रों में मौजूद रहे और उन्होंने जिला पंचायत सदस्यों के मार्फत अपने नाम की सिफारिश कराने का प्रयास किया। बताया जाता है कि अनेक विधानसभा क्षेत्रों में जिला पंचायत सदस्यों ने अपने क्षेत्रीय नेताओं के कहे अनुसार ही अपनी रायशुमारी दी है। दरअसल, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी सम्राट सरसवार को अध्यक्ष बनवाना चाहते है। परंतु मौजूदा विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता जिले में कांग्रेस की बागडोर आदिवासी वर्ग से ही दिलाना चाहते हैं। इसलिए सभी ने एकमतेन संजय उइके के नाम की पैरवी की है। यदि पूरे सर्वे पर गौर किया जाए तो संजय उइके और हिना कावरे ऐसे दो नाम थे, जिनके नाम की सिफारिश 6 विधानसभा क्षेत्रों में सर्वसम्मत से की गई। यह अलहजा है कि हिना कावरे खुद अध्यक्ष नहीं बनना चाहती। बल्कि संजय उइके को ही दोबारा अध्यक्ष के रुप में देखना चाह रही है।
कर्नाटक तक की गई सिफारिश
कांग्रेस में अध्यक्ष पद को लेकर भारी जद्दोजहद देखा गया। बताया जाता है कि केंद्रीय पर्यवेक्षक सूरज हेगडे पर दबाव बनाने के लिए कर्नाटक से एप्रोच करवाई गई है। एक दावेदार ने कर्नाटक जाकर उनसे मुलाकात भी की और अलग-अलग नेताओं से उन पर दबाव भी बनाया। इसी तरह एक अन्य युवा दावेदार ने युवक कांग्रेस के मार्फत पर्यवेक्षक को घेरने का प्रयास किया। संगठन सृजन कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस में जो एक नई हवा चली है, उससे यह कहा जा सकता है कि अब कांग्रेस में राहुल गांधी समर्थकों की ही चलेगी। पार्टी में बड़े नेताओं का दबदबा अब खत्म होने वाला है। पहले कांग्रेस में सभी बड़े नेताओं की अपने-अपने क्षेत्र में एकतरफा चलती थी। महाकौशल क्षेत्र में कमलनाथ समर्थकों का ही दबदबा रहा है, परंतु इस बार लगता है कि राहुल के समर्थक ही अध्यक्ष के रुप में नजर आएंगे। यह कांग्रेस में परिवर्तन का दौर है।
केटेगिरी के हिसाब से भेजना होगा नाम
जानकारी के अनुसार पर्यवेक्षकों को एक प्रोफार्मा दिया गया है, जिसमें आदिवासी, दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक, सामान्य और महिला वर्ग से एक-एक नाम ही भेजा जाना है और यह प्रोफार्मा 30 जून तक संगठन प्रभारी के पास दिल्ली में जमा किया जाना है। इस प्रोफार्मा में सूरज हेगडे समेत तीन अन्य पर्यवेक्षकों के हस्ताक्षर होना है। जानकारी के अनुसार आदिवासी वर्ग से संजय उइके, दलित वर्ग से नितिन भोज, महिला व पिछड़ा वर्ग से हिना कावरे, अल्पसंख्यक से शफकत खान का नाम जाना तय है। पार्टी हाईकमान ही यह तय करेगा कि इस जिले में किस वर्ग से अध्यक्ष बनाना है। इसलिए हम यह कह सकते हैं कि अंतिम समय में किसकी लाटरी खुल जाए, कहा नहीं जा सकता।

अध्यक्ष के लिए भेजा जाएगा नामों का पैनल- हेगडे
बालाघाट। केंद्रीय पर्यवेक्षक सूरज हेगडे ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि पार्टी गाइड लाइन के अनुसार 6 नामों का पैनल जिसमें हर जाति, समुदाय, वर्ग शामिल है का एक-एक नाम भेजा जाना है। जिसके लिए बालाघाट जिले के 6 विधानसभा क्षेत्रों में रायशुमारी की गई।
हेगड़े ने बताया कि जिला अध्यक्ष चयन के लिए जिले के 6 विधानसभा क्षेत्रों में बैठकों का आयोजन कर वन-टू-वन चर्चा की गई। इसमें संगठन पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और सक्रिय कार्यकर्ताओं से रायशुमारी की गई है। सभी की राय के आधार पर तैयार रिपोर्ट 30 जून तक एआईसीसी को भेज दी जाएगी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की दिशा में चरणबद्ध कार्य कर रही है। पहले चरण में जिला अध्यक्ष पद के लिए रायशुमारी की गई है, जबकि द्वितीय चरण में बूथ और ब्लॉक स्तर पर संगठनात्मक ढांचा खड़ा करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पर्यवेक्षक हेगड़े ने बताया कि जिला अध्यक्ष पद के लिए बड़ी संख्या में दावेदार सामने आए हैं। इनमें से सभी राजनीतिक, सामाजिक और संगठनात्मक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए 6 नामों का पैनल तैयार कर पार्टी के उच्चाधिकारियों को सौंपा जाएगा।

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