
अपर एवं जिला सत्र न्यायाधीश बैहर की अदालत ने सुनाया फैसला
बालाघाट । चिन्हित जघन्य सनसनीखेज मामले में पांच साल की नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोपी को आजीवन कारावास और 50000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला अपर एवं जिला सत्र न्यायाधीश सुरेन्द्र सिंह गुर्जर बैहर ने दिया है। मामला मलाजखंड थाना से जुड़ा हुआ है। इस मामले में आरोपी फागु उर्फ फागेश्वर पिता तेजलाल उर्फ तेजया राउत उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम करमसरा वार्ड नं. 12 मलाजखंड को धारा 376एबी एवं लैगिंक अपराधो से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5एम/6 के आरोप में सजा सुनाई गई है। अर्थदंड नहीं देने पर 6 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतने हेतु दंडित किया गया है। अभियोजन की ओर से पैरवी विमल सिंह विशेष लोक अभियोजक बैहर द्वारा की गई।
जानकारी के अनुसार 2 फरवरी 2020 को शाम 6 बजे पीडि़ता की मां खेत से काम करके घर लौटी थी। बच्चों द्वारा उसे भूख लगने की बात कही गई। जिस पर 5 वर्षीय बच्ची को पांच रुपए देकर बिस्किट खरीदने भेजी थी। उसी समय उसके रिश्ते का भाई घर आया, जिसे बैठने के लिए कहा। वह चूल्हे की राख निकालने टोकना लेने के लिए कोठे की तरफ गई, जहां आरोपी फागु नाबालिग बच्ची को जमीन पर लेटाकर उसके ऊपर लेटा हुआ था और गलत काम कर रहा था। आरोपी पीडि़ता की मां को देखकर भागने की कोशिश किया, जिसे पकडकऱ चांटा मारा। जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। शोर-शराबा करने पर उसका पति, भाई, गांव के अन्य लोग आ गये। पीडि़ता ने बताया कि वह बिस्किट लेने जा रही थी, उसी समय आरोपी ने उसके मुंह को दबाकर कोठे में ले गया और उसके साथ गलत काम किया। पीडि़ता की मां की शिकायत पर मलाजखंड थाना पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध किया। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। विचारण उपरांत न्यायालय ने अभियोजन साक्ष्य, डीएनए रिपोर्ट एवं अभियोजन अधिकारी के तर्को से सहमत होते हुए आरोपी को उपरोक्त सजा से दण्डित किया।
