
इन्दौर खंडपीठ ने याचिका भेजी मुख्य पीठ जबलपुर
इन्दौर । मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में कोर्ट के क्षेत्राधिकार की विसंगति को लेकर एड्वोकेट हरीश सोलंकी ने एक जनहित याचिका दायर करते इंदौर संभाग के खंडवा और बुरहानपुर जिलों को मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के क्षेत्राधिकार में शामिल करने की मांग की है। याचिका पर पैरवी भी एड्वोकेट हरीश सोलंकी ही कर रहे हैं। उन्होंने याचिका में कहा है कि खंडवा, बुरहानपुर के जबलपुर मुख्यपीठ के क्षेत्राधिकार में आने की वजह से आमजन को सुलभ और सस्ता न्याय नहीं मिल पा रहा है। संभागायुक्त के आदेश के खिलाफ अपील करने के लिए भी खंडवा, बुरहानपुर के पक्षकारों को जबलपुर मुख्यपीठ के समक्ष जाना पड़ता है। याचिका मे कोर्ट को यह भी बताया कि इंदौर संभाग के अंतर्गत अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, इंदौर, झाबुआ, खंडवा और खरगोन जिले आते हैं। इनमें से छह जिले तो इंदौर खंडपीठ के क्षेत्राधिकार में हैं, लेकिन बुरहानपुर और खंडवा जिले जबलपुर मुख्यपीठ के क्षेत्राधिकार में शामिल हैं। इस वजह से कई व्यावहारिक दिक्कतें आती हैं। वहीं खंडवा, बुरहानपुर से इंदौर की दूरी भी जबलपुर के मुकाबले बहुत कम है। याचिका पर उच्च न्यायालय खंडपीठ इन्दौर में युगलपीठ के समक्ष सुनवाई में कोर्ट ने याचिकाकर्ता के तर्क सुनने के बाद कहा कि चूंकि इस याचिका में मप्र हाई कोर्ट भी पक्षकार है इसलिए इसकी सुनवाई इंदौर खंडपीठ के समक्ष नहीं हो सकती अतः हम इस याचिका को मुख्य पीठ जबलपुर भेज रहे हैं।
