
बरगी से लापता पीड़ित महिला ग्रेटर नोएडा में की गई रेस्क्यू
जबलपुर। बरगी पुलिस ने सायबर ठगो द्वारा रची गई एक फर्जी अपहरण और बंधक बनाने की कहानी का पुलिस ने पर्दाफाश किया है| पुलिस ने पीड़ित महिला का रेस्क्यू किया और अब उसकी काउंसलिंग की जा रही है|
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समर वर्मा ने कंट्रोलरुम में पत्रकारों से चर्चा में बताया कि गत 23 अप्रैल 2025 को एक 36 वर्षीय श्रीमती विनीता (काल्पनिक नाम) बरगी में स्थित अपने मायके में मेहमानी करने आई थी| 26 अप्रैल को 2025 को दोपहर लगभग 12 बजे बरगी जाने का कहकर निकली और जो फिर घर नहीं पहुंची| लड़की की मां और पति ने उसे काफी तलाश किया| उसके बाद गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई| पुलिस ने जब जांच शुरु की तो एक चौंकाने वाली बात सामने आई| जांच के दौरान पुलिस को परिजनों ने बताया कि अज्ञात मोबाइल नम्बर धारक द्वारा श्रीमती विनीता (काल्पनिक नाम) को अपहरण कर बंधक बनाने एवं पैसों की मांग करने, शरीर के आर्गन निकालकर शरीर बरगी एवं जबलपुर में फैंकने की धमकी दी गयी है। आडियो वीडियो व्हाटसएप कॉल और व्हाटसएप मैसेज पर अज्ञात मोबाइल धारक के खिलाफ धारा 140(1), 140(2), 140(3) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में टीमों द्वारा उदयपुर, जैसलमेर, दिल्ली आदि कई शहरों में दबिश दी गयी प्रकरण में तकनीकी जानकारी के आधार पर थाना प्रभारी बरगी श्री कमलेश चौरिया के नेतृत्व में टीम ने ग्रेटर नोएडा, दिल्ली में दबिश देते हुये दिनांक 16 जून 25 को महिला को सकुशल दस्तयाब किया। महिला से पूछताछ करने पर पाया गया कि श्रीमती विनीता (काल्पनिक नाम) एक आशा कार्यकर्ता है। होली के आसपास श्रीमती विनीता (काल्पनिक नाम) से साइबर ठग द्वारा संपर्क किया गया, जिसके द्वारा लॉटरी जीतने से सोना-चांदी के आभूषण मिलने के संबंध में लालच देकर पैसों की मांग की गई। महिला ठग की बातों में आ गई और उसके द्वारा ठगो के खातों में पैसे डाले गए। बाद में ठग द्वारा और पैसों की मांग यह कहते हुए की गई कि उसे सोने के साथ पुलिस ने पकड़ लिया है अगर महिला और पैसे नहीं देती है तो उसे भी पुलिस पकड़ लेगी, जिससे महिला डर गई और उसके द्वारा साइबर ठग की बातों में आकर अलग अलग समय पर लगभग 4 लाख रुपए साइबर ठग के खाते में डाले गए।
साइबर ठग की बातों से और घर वालो से पैसों के संबंध में पूछताछ से परेशान होकर महिला द्वारा कही बाहर जाकर पैसा कमाकर अपने आभूषण लेने का सोचा गया और महिला 27 अप्रैल 2025 को बिना अपने घर वालो को बताए चली गई थी। लगभग 1 माह तक दिल्ली, मुंबई, सूरत इत्यादि शहरों में घूमती रही तथा साइबर ठग के संपर्क में रही जो महिला को लगातार गुमराह करता रहा।
1 जून 2025 को साइबर ठग की बातों में आकर महिला द्वारा घर वालो को गुमराह करते हुये अपने अपहरण के संबंध में और उनसे पैसों की मांग करने हेतु स्वयं अपने अपहरण के कुछ वीडियो बनाकर साइबर ठग को भेजे जिसे ठग द्वारा महिला के घर वालो को भेजकर पैसों की मांग की गई।
साइबर ठग द्वारा महिला के परिजनों को विदेशी व्ही.पी.एन. से संपर्क कर लगातार धमकियां दी जा रही थी ।
महिला से पूछताछ करने पर यह परिलक्षित हुआ है कि महिला साइबर ठग की बातों में अभी भी है और उसे यह यकीन है कि साइबर ठग अभी कही जेल में बंद है जो कि उसके द्वारा पैसे दिए
