
दतिया। शहर के चर्चित राजेंद्र गॉगोटिया हत्याकांड मामले में विशेष न्यायाधीश राजेश भंडारी की अदालत ने आरोपी नरेंद्र प्रजापति को हत्या और लूट का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 15 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।
19 दिसंबर 2022 की रात करीब 9:30 बजे राजेंद्र गॉगोटिया बाइक से घर से निकले थे। पूरी रात घर नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश की और कोतवाली थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई। अगले दिन उनकी बाइक पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में आलोक सिंघानिया के मकान के बाहर खड़ी मिली।
पुलिस ने किरायेदार मीना वर्मा से ताला खुलवाया और अंदर जाकर देखा तो राजेंद्र गॉगोटिया का शव खून से लथपथ हालत में मिला। उनके गर्दन और सिर पर धारदार हथियार से वार किया गया था और कमरा पूरी तरह बिखरा हुआ था।
फरियादी रोहित गॉगोटिया की रिपोर्ट पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया।
उपनिरीक्षक अमित ओसारे ने कॉल डिटेल्स की जांच की, जिससे नरेंद्र प्रजापति संदिग्ध पाया गया। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने हत्या और लूट की बात कबूल की।
उसके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया बका, सोने-चांदी के जेवर, रुपए, मोबाइल और सिम कार्ड जब्त किए गए।
मामले का चालान पेश करते हुए अभियोजन पक्ष ने 21 गवाह पेश किए। कॉल डिटेल्स, मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर कोर्ट ने नरेंद्र प्रजापति को दोषी मानते हुए उक्त सजा सुनाई।
