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पुलिस-प्रशासन-वनविभाग के अधिकारियों की अह्म बैठक संपन्न

दमोह: कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर की अध्यक्षता में समस्त विभागों की एक संयुक्त समन्वय बैठक आयोजित की गई। जिले में यह पहली बैठक थी जिसमें जिले के सभी विभागो से संबंधित विषयों पर गंभीरता से डिस्कॅशन किया गया और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस संबंध में कलेक्टर श्री कोचर ने कहा आगे हमारा प्रयास यही रहेगा की हर महीने कम से कम एक बार यह समन्वय बैठक हो ताकि विभागों के बीच में जो अंतर विभागीय प्रकरण पेंडिंग रहते हैं, उनका समय सीमा में निराकरण हो सके। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी, रानीदुर्गावती टाईगर रिजर्व उप संचालक ए.ए.अंसारी, वनमंडलाधिकारी ईश्वर जरांडे, अपर कलेक्टर मीना मसराम, सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे, सहायक कलेक्टर ऋषिकेश ठाकरे, सभी एस.डी.एम, तहसीलदार, नायाब तहसीलदार के अलावा पुलिस के अधिकारी, थाना प्रभारी, एस.डी.ओ फारेस्ट, परिवहन, आबकारी, खनिज, नगरीय विकास विभाग सहित जिलाधिकारी मौजूद थे।

            कलेक्टर श्री कोचर ने कहा पुलिस से संबंधित कई विषयों पर चर्चा की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाईयों में किस तरीके से समय सीमा के अंतर्गत करना है। एक महत्वपूर्ण निर्णय यह लिया गया कि हर मंगलवार को जन सुनवाई में 30-40 प्रतिशत मु्द्दे दो लोगों के बीच में जमीन के विवाद होते हैं और उसमें शांति भंग होने की आशंका होती है। कलेक्टर श्री कोचर ने कहा निर्णय लिया है कि अगले मंगलवार से थाना स्तर पर एक संयुक्त जन सुनवाई रहेगी, जिसमें केवल जमीन विवाद के प्रकरण को देखा जाएगा, थाने में नायब तहसीलदार, पटवारी,थाने का स्टाफ और थाना प्रभारी रहेंगे और यह दोनों मिल-करके जन सुनवाई के आवेदन का निराकरण करेंगे तो यह नई व्यवस्था अगले मंगलवार से शुरू की जा रही हैं।

            कलेक्टर श्री कोचर ने कहा विस्थापन से संबंधित समस्याएं जिसमें विस्थापित लोगों को मुआवजा मिल गया है, उन लोगों को स्थलों से बाहर निकलने के निर्देश देने है और जो कार्रवाईयां करनी उसके बारे में चर्चा हुई जहाँ पर पात्रता और अपात्रता को लेकर के निर्णय क्लियर करना है, तो हमारा निर्णय यही था कि इस महीने के अंत तक कुछ गांव जहाँ पर पात्रता अपात्रता के निर्णय शेष बचे हुए है वह पूरी तरह से खत्म किये जायें ताकि एक अंतिम निर्णय होने के बाद लोगों को भी क्लैरिटी हो कि उनके साथ किस तरह की आगे की कार्रवाई होनी है। इसी प्रकार से हमारे टाइगर रिज़र्व और अभयारण्य में 10 किलोमीटर तक के दायरे में शस्त्र लाइसेंस नए इश्यू नहीं किये जायेंगे हैं और शस्त्र लाइसेंसों का नवीनीकरण भी नहीं होना है, इस संबंध में भी सभी को निर्देश दिए हैं।

            कलेक्टर श्री कोचर ने कहा खनिज विभाग से संबंधित भी कई सारे विषय आए तो जहाँ-जहाँ अनापत्तियाँ अलग-अलग विभागों यथा फॅारेस्ट, रेवेन्यू से लेनी है, वह केसेस पेंडिंग है उनका निराकरण समय सीमा में हो जाए, एक निर्णय और लिया है कि कलेक्ट्रेट में समन्वय शाखा बन रही है, कलेक्ट्रेट में जैसे अलग-अलग तरह की शाखाएं होती है, उसमें एक नयी शाखा समन्वय शाखा बना रहे है और उस शाखा में क्लेरिकल स्टाफ, एक प्रभारी अधिकारी रहेगा और यह निर्णय लिया गया है कि अंतर्विभागीय समन्वय से सम्बंधित कोई भी इश्यू आते है सारे इस शाखा के पास आएँगे और यही शाखा हर महीने इस मीटिंग को कोर्डिनेट करने का काम भी करेगी।

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