24 घंटे में 2469 यौन अपराधियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गईं

भोपाल। मप्र पुलिस के डीजीपी सुधीर सक्सेना ने दो दिन पहले सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दिशा-निर्देश दिए थे। उन्होंने यौन अपराधों की प्रभावी रोकथाम, यौन अपराधियों की सघन जांच और यौन अपराधियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रभावी कार्रवाई के लिए कहा था। इन निर्देशों का पालन करते हुए मप्र पुलिस महज 24 घंटे के भीतर अलग-अलग जिलों में 4916 यौन अपराधियों को तलब कर चुकी है। वहीं 2469 यौन अपराधियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। सभी से वर्तमान कार्य सहित अन्य जानकारी ली गई। पुलिस जल्द उन अपराधियों को बॉन्ड ओवर की कार्रवाई भी कराएगी। पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
बता दें कि पुलिस के विभिन्न डेटा बेस से यौन अपराधियों खासकर एक से अधिक बार इस तरह के अपराध को अंजाम देने वाले अपराधियों की जानकारी जुटाई गई है। साथ ही कम उम्र की नाबालिग बालिकाओं से बलात्कार में दोषी अपराधियों को भी चिन्हित किया जा रहा है। जो अपराधी अपना क्षेत्र छोडक़र दूसरे जिले, मोहल्ले अथवा गांव में रह रहे हैं, उनकी जानकारी भी संबंधित थानों को दी जा रही है।
क्या है प्लान
लैगिंक अपराधों में संलिप्त रहे लोगों के विरुद्ध अभियान चलाकर प्रदेश के सभी थाना क्षेत्रों में गत 10 वर्षों में ऐसे अपराधियों की सघन जांच एवं निगरानी प्रारंभ कर दी गई है। पुलिस के विभिन्न डाटा बेस से यौन अपराधियों विशेषत: एक से अधिक बार इस तरह के अपराध को अंजाम देने वाले अपराधियों की जानकारी संकलित की गई है। साथ ही कम उम्र की नाबालिग बालिकाओं से रेप में दोषी अपराधियों को भी चिन्हित किया जा रहा है। जो अपराधी अपना क्षेत्र छोडक़र अन्यत्र निवास कर रहे हैं, उनकी जानकारी संबंधित पुलिस थाने को देना सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि उनकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा सके।
51 हजार से ज्यादा का डेटा चिन्हित
पूरे प्रदेश में लगभग 51052 यौन अपराधियों का डाटा बनाकर चिन्हित किया गया है। पिछले 24 घंटों में 2469 यौन अपराधियों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई तथा 2447 यौन अपराधियों से पूछताछ कर उन्हें हिदायत दी गई है। इस प्रकार एक दिन में लगभग 4916 यौन अपराधियों से पुलिस द्वारा पूछताछ कर सख्त हिदायत दी गई है।
बॉउंड ओवर की कार्रवाई भी की जा रही
प्रदेश में पुलिस द्वारा अपने-अपने थाना क्षेत्र में ऐसे अपराधियों की कोई भी गतिविधि, आचरण संदिग्ध या संदेहास्पद पाए जाने पर हिदायत दी जा रही है। अपराधियों को बॉउंड ओवर तथा विधि अनुसार अन्य कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। आदतन अपराधियों की हिस्ट्रीशीट तैयार कर उन पर विशेष नजर रखी जा रही है। शासन की मंशानुसार पॉक्सो एक्ट तथा अन्य यौन अपराधों संबंधित फास्ट ट्रेक कोर्ट में चल रहे मामलों के त्वरित निराकरण के लिए फॉलोअप लिया जा रहा है। डीपीओ और अन्य संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर पीडि़त को त्वरित न्याय तथा अपराधी को कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रयास जारी हैं।
