

दमोह : प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार के साथ कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, पुलिस अधीक्षक और डी.एफ.ओ. एमएस उइके ने सिंग्रामपुर में कैबिनेट बैठक स्थल सहित सभा स्थल, सिंगौरगढ़ का किला, निदानकुंड वाटर फॉल, देवी मंदिर और भैसा विश्राम गृह का भ्रमण किया। कलेक्टर श्री कोचर ने कहा संस्कृति राज्यमंत्री श्री लोधी जी ने सारी व्यवस्थाएँ वहाँ पर देखी और आवश्यक दिशा-निर्देश हम सभी को दिए हैं। उन दिशा निर्देशों के अनुरूप हमारी एक इंटरनल बैठक हुई और उन दिशा निर्देशों के अनुरूप अपना पूरा प्लान तैयार किया है। बहुत ही माइक्रो प्लानिंग इसमें की जा रही हैं क्योंकि उसमें बहुत सारे मल्टीप्लस इवेंट्स हैं, सभी अधिकारियों के माध्यम से जो एक-एक चीज़ निर्देशों में सामने आई है और एक-एक डीटेल में जा करके इसकी तैयारियों की समीक्षा की जा रही हैं और हमें आशा है कि कार्यक्रम बहुत व्यवस्थित और प्लानिंग से होगा। कलेक्टर श्री कोचर ने कहा कार्यक्रम की सीक्वेंस और समय अभी तय नहीं हुआ है। लेकिन जो कार्यक्रम होने हैं वो उनका स्वरूप कुछ इस तरह से है कि एक रानी दुर्गावती जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण का एक कार्यक्रम होगा। दूसरा जनसभा होगी मुख्यमंत्री जी जिसमें लाड़ली बहना योजना की किस्त और स्व-सहायता समूह का सम्मेलन, ये दो चीज़ उस सभा के मुख्य आकर्षण होंगे। इसके अलावा विभिन्न हितग्राहियों मूलक योजनाओं के अंतर्गत हित लाभ वितरण का कार्यक्रम होगा, लोकार्पण, शिलान्यास होंगे, विमोचन आदि के कार्यक्रम होंगे। इसके बाद एक जो बड़ा कार्यक्रम है जिसके लिए मुख्यमंत्री जी यहाँ पर आ रहे हैं वह है कैबिनेट की बैठक, मंत्री परिषद की बैठक जो की रानी दुर्गावती जी की 500 वीं जन्मजयंती है, उसके उपलक्ष्य में यहाँ पर केबीनेट बैठक हो रही है, कैबिनेट की बैठक पूरी होगी और बैठक के बाद एक प्रेस कान्फ्ररेन्स होगी और उस प्रेस कान्फ्ररेन्स में कैबिनेट के निर्णय से अवगत कराया जायेगा।
उन्होंने कहा इसके अलावा रानी दुर्गावती जी का जो किला है और जो मुख्य दर्शनीय स्थल है, जिसमें एक स्थल है जहाँ पर रानी दुर्गावती जी दुर्गा जी पूजन करने के लिए जाया करती थी वह है और जैसा बताया गया कि निदान वाटरफॉल है और भैंसा विश्राम गृह है, यहाँ पर सब जगह देख करके आये है, यहाँ सभी जगह व्यवस्था की जा रही है।
उन्होंने कहा यह मुख्य कार्यक्रम के आकर्षण है और इसके अलावा एक वृक्षारोपण का कार्यक्रम भी है, एक वृक्ष माँ के नाम जिसमें 50 पौधे लगाने की व्यवस्था तैयार कर रहे हैं, जिसमें सभी मंत्रीगण पौधा लगाएंगे। इस तरह से इसकी पूरी सीक्वेंसिंग होगी कि ये तीनों चीजें एक निर्धारित समय के अंतर्गत सारी पूरी हो जाये
