इस नेक काम के लिए आगे आएं और स्कूलों, छात्रावासों, आंगनवाड़ियों, किचन शेड्स को खतरनाक स्थिति से उबारने में मदद करें

दमोह। पिछले दिनों राजस्थान के एक जिले में स्कूल की छत गिरने से कुछ बच्चों का दुखद निधन हो गया वाकई में ऐसी घटनाएं दिल दहलाने वाली हैं! सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अनेक स्थानों से समाचार आने लगे कि यहां पर भवन में क्रैक है या फिर इसका छज्जा टूट रहा है या फिर इसका सीमेंट उखड़ रहा है और या फिर यह स्कूल बैठने लायक नहीं है। तो मैं आपको 2-3 बाते इसमें जरूर बताना चाहूंगा। इस संबंध में कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने कहा है कि रिपेयर के लिए कोई भवन यथा पहला स्कूल की बिल्डिंग, दूसरा आंगनवाड़ी की बिल्डिंग, तीसरा किचन शेड की बिल्डिंग और चौथी छात्रावासों की बिल्डिंग यह 4 तरह की बिल्डिंगों में प्रमुख रूप से ऐसी स्थितियां होती हैं । जिला प्रशासन ने राज्य शासन से लगातार इस संबंध में जब-जब आग्रह किया है, राज्य शासन से इसके लिए आवंटन प्राप्त होता है और जब राज्य शासन से आवंटन प्राप्त होता है तो रिपेयरिंग के काम किए जाते हैं।
कलेक्टर श्री कोचर ने कहा जिले के जनप्रतिनिधियों ने एक बैठक में यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जिला खनिज निधि जिसको डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड बोलते हैं, उसका अधिकतम पैसा लगभग 7 करोड़ रूपये यह पूरा पैसा स्कूलों की मरम्मत के कार्य के लिए देना है। जिलेवासियों को यह जानकर खुशी होगी कि यह प्रस्ताव मंजूर कर दिए हैं और लगभग 224 स्कूलों के लिए राशि जारी की जा चुकी हैं और कुछ स्कूलों के लिए और राशि जारी होने वाली हैं इसमें से 50 प्रतिशत से अधिक स्कूलों में मरम्मत का कार्य पूरा भी हो चुका है और अनेक स्थानों पर यह मरम्मत का कार्य चल रहा है।
कलेक्टर श्री कोचर ने कहा सरकार और प्रशासन के वित्तीय संसाधनों की अपनी सीमा है, इसके बाद छात्रावासों, आंगनवाड़ियों, किचन शेड का नंबर है, इसके लिए बहुत बड़े पैमाने पर वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता होती है, जिसको एक बार में अरेंज किया जाना संभव नहीं हो सकता। उन्होंने कहा ऐसा कोई कमरा है जो कि बिल्कुल गिरने जैसी खतरनाक स्थिति में है, उसको तत्काल बंद किया जायेगा। बच्चों को कहीं और शिफ्ट किया जाये लेकिन यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है, टेंपरेरी समाधान है, स्थाई समाधान के लिए रिपेयरिंग की आवश्यकता होगी, जो बहुत ही गुणवत्तापूर्ण तरीके से हो। इसमें कलेक्टर श्री कोचर ने समाज का सहयोग चाहते हुये कहा दमोह जिले के निवासी आप सभी लोग यहां के किसी ना किसी सरकारी स्कूल से पढ़े होंगे, हो सकता है कि आपने यहां की ही आंगनवाड़ी में शिक्षा प्राप्त की हो या उस आंगनवाड़ी में आपने पोषण आहार प्राप्त किया है या आप छात्रावास में रहे होंगे। आज हो सकता है कि आप बड़े-बड़े पदों पर पहुंच गए हों, आपने अच्छा व्यवसाय खड़ा कर लिया हो, आप किसी अच्छी जगह पर नौकरी करने लगे हो, आपने एक प्रतिष्ठित स्थान समाज के सामने प्राप्त कर लिया हो, तो मुझे लगता है कि यह तेरा तुझको अर्पण का मौका है, जो समाज से हमको मिला उसको लौटाने का एक अवसर है।
कलेक्टर श्री कोचर ने सभी जिलेवासियों से आह्वान किया है कि यदि आप लोग भी आगे आएं और यदि किसी स्कूल, छात्रावास, आंगनवाड़ी भवन में एक कमरा या उससे अधिक कमरे के रिपेयरिंग का काम या कोई छोटा रिपेयरिंग का काम जो आपकी सामर्थ्य के अनुसार हो, चाहे खिड़की ही रिपेयर करानी हो, चाहे थोड़ा सा छज्जा ही ठीक कराना हो, जो आप अपनी सामर्थ्य के अनुसार कर सकते हो। कृपया इसके लिए आप आगे आएं और यदि आप यह काम कराते हैं तो मुझे लगता है कि आने वाली पीढ़ियों के लिए यह आपका बहुत बड़ा योगदान होगा।
उन्होंने कहा सरकार तो अपनी भूमिका निभा रही है, प्रशासन भी अपनी भूमिका निभाएगा। लेकिन यदि समाज भी आगे आता है तो मुझे लगता है कि जल्दी ही वह स्थिति प्राप्त कर लेंगे, यहां कोई भी बिल्डिंग खतरनाक नहीं बचेगी। यदि आप दमोह की माटी का कर्ज चुकाना चाहते हैं, अपने खुद के स्कूल के लिए जहां आप पढ़े थे, उसके लिए कुछ करना चाहते हैं या जहां आज आपके बच्चे पढ़ रहे हैं, उसके लिए कुछ करना चाहते हैं। हमारे सरकारी स्कूलों के लिए, आंगनवाड़ियों के लिए, छात्रावासों के लिए, किचन शेड के लिए मरम्मत के लिए आगे आएं। स्कूल या कक्षा या उस आंगनवाड़ी या छात्रावास का चिन्हांकन करलें और जिला प्रशासन को इस बारे में अवगत कराएं तो आगे की प्रक्रिया में आपकी पूरी मदद की जायेगी।
कलेक्टर श्री कोचर ने कहा इस संबंध में दमोह हेल्पलाइन पर अपनी रिक्वेस्ट दर्ज कर सकते हैं। आप कलेक्टर की सोशल मीडिया हैंडल्स पर अपनी रिक्वेस्ट दर्ज कर सकते हैं, आप जिला शिक्षाधिकारी और जिला परियोजना समन्वयक को यह बात बता सकते हैं, आप जनप्रतिनिधियों को इस बात की जानकारी दे सकते हैं, आप जिस मोड में चाहे आप यह सहयोग कर सकते हैं, लेकिन इसमें प्रक्रिया यह रहेगी कि वह कार्य आप स्वयं करवा करके दें। वह पैसा सरकार के खजाने में नहीं जाएगा। वह आप करवा देंगे ताकि राशि का सही उपयोग जैसा आप चाहते हैं वैसा उपयोग हो और पूरी गुणवत्ता के साथ हो। इस काम में प्रशासन आपकी हर संभव मदद करेगा। उन्होंने कहा मेरा आप सभी से आग्रह है कि इस पुनीत और नेक काम के लिए आप आगे आएं और जिले की स्कूलों, छात्रावासों, आंगनवाड़ियों, किचन शेड्स को खतरनाक स्थिति से उबारने में मदद करें।
