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महिला की 12 करोड़ रुपए और बीएमडब्ल्यू कार की मांग को किया खारिज
नई दिल्ली,। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को को अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए एक विवाह को समाप्त करने के लिए व्यक्ति को निर्देश दिया कि वह अपनी पत्नी को मुम्बई के पॉश इलाके में चार करोड़ रुपए का फ्लैट गिफ्ट में दे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने महिला की 12 करोड़ रुपए और एक बीएमडब्ल्यू कार की अतिरिक्त मांग को खारिज कर दिया।
चीफ जस्टिस बी आर गवई, जस्टिस के विनोद चंद्रन और जस्टिस एन वी अंजारिया की पीठ ने कहा कि दोनों पक्षों की कटुतापूर्ण दूसरी शादी पूरी तरह से टूट चुकी है। इसके लिए आठ साल पुराने वैवाहिक संबंध को खत्म करने की जरुरत है, जो कि पुरुष और महिला दोनों की तरफ से शादीशुदा जिंदगी को दूसरा मौका देने का प्रयास था। हालांकि, पीठ ने कहा कि पहली शादी के टूटने से महिला को मिलने वाला स्थायी गुजारा भत्ता दूसरी शादी के खत्म होने में गुजारा भत्ते की राशि तय करने का आधार नहीं हो सकता।
वकीलों की दलीलों को स्वीकार करते हुए और उनकी शिक्षा के स्तर को ध्यान में रखते हुए पीठ ने कहा कि उनके पति की तरफ से मुंबई में एक फ्लैट का उपहार पर्याप्त गुजारा भत्ता होगा। खासकर जब वह वर्तमान में बेरोजगार हैं। महिला एक इंजीनियर और मैनेजमेंटर में मास्टर्स है। बेंच ने पति को 30 अगस्त से पहले महिला के लिए गिफ्ट डीड को पूरा करने और 1 सितंबर तक डॉ एसएस रोड, मुंबई स्थित कल्पतरु सोसाइटी को 26 लाख रुपए का अपार्टमेंट का बकाया चुकाने का आदेश दिया है।
महिला ने व्यक्ति के लिंक्डइन पर प्रोफाइल के आधार पर 12 करोड़ रुपए और एक बीएमडब्ल्यू की मांग की थी। मांग को खारिज करते हुए बेंच ने कहा कि हम लिंक्डइन प्रोफाइल पर भरोसा नहीं करते। हम इस तथ्य को भी ध्यान में रखते हैं कि प्रतिवादी-पत्नी एक अच्छी नौकरी में थी और उसके पास शैक्षिक योग्यताएं हैं। साथ ही आईटी के क्षेत्र में अपने अनुभव के आधार पर अपना भरण-पोषण करने की क्षमता भी है। कोर्ट ने कहा कि जहां तक अलगाव के लिए मुआवजे की बात है, तो फ्री अपार्टमेंट का उपहार पर्याप्त होगा।

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