
नई दिल्ली। चुनाव आयोग द्वारा बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी विवाद अब और तीखा हो गया है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के मतदाता सूची में धांधली के आरोपों पर चुनाव आयोग की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में राहुल गांधी से शपथ पत्र (हलफनामा) की मांग की गई थी। इस पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया में चुनाव आयोग से सवाल किए हैं और हमला बोल दिया है।
सांसद प्रियंका गांधी ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान सवाल उठाते हुए कहा, कि अगर कोई शिकायत करता है तो उसकी जांच होनी चाहिए। यह क्या तरीका है कि आप उल्टा शिकायतकर्ता से हलफनामा मांग रहे हैं?
प्रियंका गांधी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, कि हमने जो शपथ संसद में ली है, उससे बड़ी कौन सी शपथ होगी? आयोग हमें मतदाता सूची क्यों नहीं दे रहा? अगर जानबूझकर गलती हुई है, तो चुनाव आयोग को जांच करनी चाहिए, न कि हमसे एफिडेविट मांगना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि याचिका के अनुसार हलफनामा देने की अवधि 30 दिन होती है, लेकिन उसके बावजूद आयोग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।
सांसद प्रियंका गांधी ने फर्जी वोटर लिस्ट के मुद्दे को लेकर कहा कि राहुल गांधी ने विस्तार से बताया है कि एक लाख से ज्यादा फर्जी वोट बिहार की कुछ विधानसभा सीटों में मौजूद हैं। उन्होंने कहा, जब कोई चुनाव लड़ता है, तब उसे पता चलता है कि एक-एक वोट कितना जरूरी होता है। अगर एक लाख वोट फर्जी हैं, तो उसका असर सीधे नतीजे पर पड़ता है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए चुनाव आयोग पर तंज कसते हुए कहा, अगर कोई बच्चा क्लास में जाकर कहे कि चीटिंग हो रही है, तो क्या टीचर उसे थप्पड़ मारेगी? या जांच करेगी कि क्या हो रहा है? आयोग को जांच करनी चाहिए, न कि शिकायत करने वालों से एफिडेविट मांगना चाहिए।
क्या होगी आगे की रणनीति?
इंडिया गठबंधन की आगे की रणनीति को लेकर प्रियंका गांधी ने कहा कि सभी दल मिलकर निर्णय लेंगे, लेकिन स्पष्ट है कि इस मुद्दे को लेकर वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, हर वोट की अहमियत होती है। अगर वोटरों को जानबूझकर हटाया जा रहा है, तो यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है।
इससे पहले चुनाव आयोग के फैक्ट चेक हैंडल से कहा गया था कि राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप भ्रामक हैं। आयोग ने 1960 के वोटर रजिस्ट्रेशन नियम 20(3)(बी) का हवाला भी दिया है और शपथ पत्र मांगा है।
