
ईसीआई सचिव ने जारी किया नया नोटिस, कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल सरकार और निर्वाचन आयोग के बीच में टकराव बढ़ता जा रहा है। सीएम ममता बनर्जी ने अधिकारियों का निलंबन न करने की सार्वजनिक घोषणा के बाद शुक्रवार को निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज पंत को नया नोटिस जारी किया। इस नोटिस में आयोग ने राज्य सरकार को चार अधिकारियों को निलंबित करने के आदेश पर अमल करने और कार्रवाई की अनुपालन रिपोर्ट देने के लिए 11 अगस्त दोपहर 3 बजे तक का समय दिया है।
चुनाव आयोग के सचिव का यह नोटिस सीएम ममता की सार्वजनिक घोषणा के एक दिन बाद सामने आया। अपनी घोषणा में ममता ने नौकरशाही के अधिकारियों के पहरेदार के रूप में उनके साथ खड़े होने का आश्वासन दिया था। उन्होंने चुनाव आयोग पर तंज कसते हुए कहा था कि वह निलंबन आदेश का पालन नहीं करेंगी।
बता दें निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर जिलों के बरुईपुर पूर्व और मोयना विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची तैयार करते समय अनियमितता बरतने के लिए चार अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया था। इन चार अधिकारियों में दो निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) और दो सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) और एक अस्थाई डेटा एंट्री ऑपरेटर शामिल था। नए आदेश में निर्वाचन आयोग ने मुख्य सचिव को सभी पांचों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है और सभी शीर्ष अधिकारियों पर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
सीएम ममता बनर्जी ने आयोग के अधिकार क्षेत्र और इस कदम की वैधता पर सवाल उठाया था और आरोप लगाया था कि बीजेपी राज्य सरकार के अधिकारियों को डराने के लिए चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर रही है। एक जनसभा में सीएम ममता ने कहा था कि हम उन्हें निलंबित नहीं करेंगे… हम आपकी रक्षा करेंगे। मैं आपकी पहरेदार बनी रहूंगी। उन्होंने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए उस पर बीजेपी के बंधुआ मजदूरों की तरह काम करने का आरोप लगाया था।
