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अब सिर्फ 6 राष्ट्रीय दल और 67 क्षेत्रीय पार्टियों बची
नई दिल्ली। भारत के चुनाव आयोग ने निर्वाचन प्रणाली की सफाई की बात कर 334 राजनीतिक दलों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया है। इसके बाद देश में अब सिर्फ 6 राष्ट्रीय दल हैं। इसके अलावा क्षेत्रीय पार्टियों की संख्या घटकर 67 बची है।
बता दें कि भारत में राजनीतिक दलों का रजिस्ट्रेशन, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के प्रावधानों के तहत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) में किया जाता है। राजनीतिक दलों के रजिस्ट्रेशन के लिए जारी दिशानिर्देशों में यह प्रावधान है कि यदि कोई दल लगातार 6 वर्षों तक चुनाव नहीं लड़ता है, तब उस पंजीकृत दलों की सूची से हटा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत दल को रजिस्ट्रेशन के समय अपना नाम, पता, पदाधिकारियों के नाम आदि का विवरण देना होता है। इसमें किसी भी प्रकार का परिवर्तन होने पर बिना विलंब निर्वाचन आयोग को सूचित करना अनिवार्य होता है।
इसके पहले, जून 2025 में निर्वाचन आयोग ने राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओएस) को 345 दलों की जांच का निर्देश दिया था। मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने इसकी जांच की, इन दलों को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ। प्रत्येक दल को व्यक्तिगत सुनवाई के माध्यम से अपना पक्ष रखने का मौका प्रदान किया गया। इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर कुल 345 दलों में से 334 तय शर्तों का पालन नहीं कर रहे हैं। शेष मामलों को पुनः जांच के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को वापस भेजा गया है। आयोग ने सभी तथ्यों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की अनुशंसाओं पर विचार करने के बाद 334 दलों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया।
भारत में अब सिर्फ 6 राष्ट्रीय पार्टियां
चुनाव आयोग की नई कार्रवाई के बाद अब देश में सिर्फ 6 राष्ट्रीय पार्टियां रह गई हैं। उसमें अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप), मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी), देश की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), कॉम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी), मुख्य विपक्षी कांग्रेस और राष्ट्रीय पीपुल्स पार्टी (एनपीनी)।
जबकि क्षेत्रियां दलों में: आजसू पार्टी, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम), ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस, ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी), ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) अपना दल (सोनेलाल), असम गण परिषद, भारत आदिवासी पार्टी, भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस), बीजू जनता दल (बीजेडी), बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट, सिटिजन एक्शन पार्टी-सिक्किम, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (मुक्ति), देशिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके), गोवा फॉरवर्ड पार्टी, हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, इंडियन नेशनल लोक दल (आईएनएलडी), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल), इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा, जम्मू एवं कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस, जम्मू एवं कश्मीर नेशनल पैंथर्स पार्टी, जम्मू एवं कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, जनसेना पार्टी, जनता दल (सेक्युलर), जनता दल (यूनाइटेड), जननायक जनता पार्टी, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे), झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम), केरल कांग्रेस, केरल कांग्रेस (एम), लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी), लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास), महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस), महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी, मिजो नेशनल फ्रंट, नाम तमिलर कच्ची, नागा पीपुल्स फ्रंट, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी – शरदचंद्र पवार गुट, नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी, पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट, पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले), रिवोल्यूशनरी गोअन्स पार्टी, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी, समाजवादी पार्टी (एसपी), शिरोमणि अकाली दल (शिअद), शिवसेना, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट, सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा, तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी), टिपरा मोटा पार्टी, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी, यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी, लिबरल, विदुथलाई चिरुथैगल कच्ची, वॉयस ऑफ द पीपुल पार्टी, युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी, जोराम नेशनलिस्ट पार्टी, जोराम पीपुल्स मूवमेंट शामिल है।

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