जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धमकी देने के आरोप

गोंडा। उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले की एमपी-एमएलए कोर्ट ने केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री और भाजपा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह, उनके प्रतिनिधि राजेश सिंह और तीन अन्य लोगों के खिलाफ जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया है। यह फैसला सिविल जज (सीनियर डिवीजन) अपेक्षा सिंह की अदालत ने अजय सिंह की शिकायत पर सुनवाई के बाद सुनाया।
गोंडा के मनकापुर कोतवाली क्षेत्र के भिटौरा गांव के निवासी अजय सिंह ने कोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया कि केंद्रीय मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह, उनके प्रतिनिधि राजेश सिंह, सहदेव यादव, पिंकू और कांति सिंह ने उनकी पत्नी मनीषा सिंह के नाम दर्ज जमीन को धोखाधड़ी से दोबारा बैनामा कर लिया। अजय सिंह के अनुसार, आरोपियों ने पुराने तारीख वाले स्टांप पेपर का दुरुपयोग कर विक्रेता बिट्टन देवी को दबाव और प्रलोभन देकर मिथिलेश रस्तोगी और कांति सिंह के नाम जमीन हस्तांतरित करवा दी। इसमें 16 डिसमिल जमीन मिथिलेश रस्तोगी के नाम और बाकी जमीन कांति सिंह के नाम दर्ज की गई।
अजय सिंह ने आगे आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस धोखाधड़ी का विरोध किया, तो आरोपियों ने उनकी जमीन पर अवैध कब्जे की कोशिश की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की भी चेतावनी दी गई। स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई न होने पर अजय सिंह ने न्याय के लिए कोर्ट की शरण ली। सिविल जज अपेक्षा सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिकाकर्ता के तर्कों और साक्ष्यों की गहन जांच की। इसके बाद कोर्ट ने मनकापुर कोतवाली पुलिस को निर्देश दिया कि कीर्तिवर्धन सिंह, राजेश सिंह, सहदेव यादव, पिंकू और कांति सिंह के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की जाए। कोर्ट ने पुलिस को 15 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का भी आदेश दिया।
