
अवमानना मामले में सागर कमिश्नर से मांगा जवाब
जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति द्वारिकाधीश बंसल की एकलपीठ ने सागर जिले की रहली जनपद पंचायत में करोड़ों का भ्रष्टाचार होने के आरोप संबंधी मामले में पूर्व आदेश का पालन न होने पर स्पष्टीकरण मांग लिया है। इस सिलसिले में सागर कमिश्नर को अवमानना नोटिस जारी किया गया है।
अवमानना याचिकाकर्ता सागर निवासी मुकेश श्रीवास की ओर से अधिवक्ता गोपाल सिंह बघेल ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि जनपद पंचायत रहली के रिटायर्ड सीईओ राजेश पटेरिया व प्रदीप पाठक, लेखपाल अधिकारी के द्वारा व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया था। इसके अंतर्गत जनपद पंचायत रहली के कर्मचारियों को वेंडर बनाकर मनरेगा योजनाओं के 14 वें व 15 वें वित्त वर्ष 2016, 2017 से वर्ष 2025 तक करोड़ों का हेरफेर किया गया। इस मामले की जानकारी सीईओ पटेरिया के सेवानिवृत्त होने के बाद उजागर हुई। जिसके बाद मामले की शिकायत आवेदक की ओर से लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू व सागर कमिश्नर के समक्ष की गई थी। लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। लिहाजा, हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। जिस पर कमिश्नर सागर को निर्देशित किया था कि वे जांच करे और उसकी एक कापी आवेदक को दें। यदि आवेदक से जांच से संतुष्ट नहीं होता तो वह पुन: याचिका दायर कर सकता है। दायर अवमानना याचिका में कहा गया कि उक्त निर्देश के बावजूद सागर कमिश्नर की ओर से कोई जांच नहीं की गई।
