
बालाघाट। अपर एवं जिला सत्र न्यायाधीश सुरेन्द्र सिंह गुर्जर तहसील बैहर ने न्यायालय के विशेष प्रकरण थाना परसवाड़ा के अपराध क्रमांक 151/2022 में आरोपी शंकरसिंह पिता सूरपसिंह मरकाम को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 376 एबी एवं लैगिंक अपराधो से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 5/6 के आरोप में दोषसिद्ध पाते हुए 20 वर्ष का सश्रम कारावास और पच्चीस हजार रूपये के अर्थदण्ड से दंडित किया है। अर्थदण्ड अदायगी के व्यतिक्रम में 6 माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतने हेतु दंडित किया गया। राज्य की ओर से सहायक निदेशक कपिल डहेरिया के मार्गदर्शन में विशेष लोक अभियोजक अभय सिंह ठाकुर बैहर द्वारा प्रभावी पैरवी की गई।
अभियोजन द्वारा बताया गया कि पीडि़ता से उसके गांव का निवासी शंकर मरकाम बात करता था और बोलता था कि वह उससे शादी करेगा, वह उसे गलत काम करने दे। आरोपी शंकर मरकाम ने माह जून-जुलाई 2022 में अकेले में अपने घर दिन में बुलाकर शादी करूंगा बोलकर, गलत काम किया और बोला कि किसी को मत बताना और बार-बार बुलाकर उसके साथ अपने घर में दिन में चार बार गलत काम बलात्कार किया, जब उसका महीना रूक गया, तब उसने अपनी मम्मी को पूरी बात बताई, तब उसकी मम्मी ने उसका पेट देखा तो बताया कि तेरे को गर्भ हो गया है, फिर यह बात मम्मी ने उसके दादा को बताई। उसके दादा ने यह बात गांव में सरपंच और गांव के लोगों को बतलाया, पीडि़ता को चार माह का गर्भ ठहरने के कारण पीडि़ता ने उक्त घटना के संबंध में पुलिस थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस थाना परसवाड़ा में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। विचारण उपरांत न्यायालय ने अभियोजन साक्ष्य, डीएनए रिपोर्ट एवं अभियोजन अधिकारी के तर्को से सहमत होते हुए आरोपी को उपरोक्त सजा से दण्डित किया।
