
मुंबई। महाराष्ट्र में मराठी भाषा के मुद्दे पर अमराठी और उत्तर भारतीय लोगों की पिटाई तथा धमकाने के मामले में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। यह याचिका उत्तर भारतीय विकास सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील शुक्ला ने दायर की है। उन्होंने इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका दायर की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्ला को हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया था। इसलिए उन्होंने याचिका वापस ले ली और राज ठाकरे के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इस याचिका पर जल्द सुनवाई होने की संभावना है। इस याचिका में उन्होंने मांग की है कि भारत के चुनाव आयोग को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत कार्रवाई पर विचार करने का निर्देश दिया जाए। शुक्ला ने अदालत से उन्हें और उनके परिवार को पुलिस सुरक्षा प्रदान करने का भी अनुरोध किया है। साथ ही, समाज में नफरत और दुश्मनी को बढ़ावा देने के लिए मनसे की मान्यता रद्द करने की भी मांग की है। याचिका में यह भी अंतरिम मांग की गई है कि राज ठाकरे को भाषण देने से रोका जाए। शुक्ला ने याचिका में कहा है कि 6 अक्टूबर 2024 को दोपहर करीब 3 बजे मनसे और उससे जुड़े संगठनों के करीब 30 लोगों ने उनके राजनीतिक दल के कार्यालय में घुसपैठ और तोड़फोड़ की कोशिश की। घटना के बाद, शुक्ला और उनके परिवार को कार्यकर्ताओं की ओर से धमकी भरे फोन आए। संबंधित पार्टी कार्यकर्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई और 10 महीने तक उनका पीछा किया गया। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
