
बालाघाट। गढ़ी थाना पुलिस ने एक अंधे हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपी बैजलपुर निवासी सुनील पिता स्व. हीरालाल धुर्वे 34 वर्ष, उसका छोटा भाई राजकुमार पिता स्व. हीरालाल धुर्वे 28 वर्ष और दोस्त नुनकाटोला निवासी सुनील पिता शिवप्रसाद कुशरिया 27 वर्ष को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, घटना के समय पहने गए कपड़े सहित अन्य साक्ष्य भी जब्त किए हैं। तीनों ही आरोपियों के खिलाफ धारा 103 (1) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 9 अगस्त को सुनील धुर्वे ने थाना में सूचना दी थी कि उसकी दादी गौथरीन बाई 65 वर्ष घर पर दिखाई नहीं दे रही है, जब परिवारजन घर पहुंचे तो कमरे में उनका खून से सना शव मिला। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। घटना स्थल का निरीक्षण एफएसएल यूनिट, डॉग स्क्वॉड, फिंगर प्रिंट टीम द्वारा किया गया। पुलिस ने शव का पीएम कराकर परिजनों को सौंप दिया। पीएम रिपोर्ट में सिर में गंभीर चोट आने से मौत होना पाया गया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र पंद्रो के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।
विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, गवाहों के बयान के आधार पर सुनील धुर्वे, राजकुमार धुर्वे और उनका दोस्त सुनील कुशरिया पर संदेह हुआ। संदेह के आधार पर तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। तीनों ने पूछताछ में दादी की हत्या करने का जुर्म स्वीकार किया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान मृतिका का नाती सुनील धुर्वे और उसका भाई राजकुमार (दिव्यांग) ने हाल ही में एक ट्रैक्टर खरीदा था, जिसकी किश्त वे नहीं चुका पा रहे थे। उन्होंने कई बार अपनी दादी गौथरीन बाई से रुपए की मांग की, लेकिन दादी ने रुपए न होने की बात कहकर पैसे देने से मना कर दिया था। 8 अगस्त की रात में तीनों ठाकुरटोला पहुंचे और फिर से पैसों की मांग की। जब दादी ने देने से इनकार किया, तो गुस्से में आकर सुनील धुर्वे ने कुल्हाड़ी से वार कर उनकी हत्या कर दी। इस दौरान उसका भाई और दोस्त ने साक्ष्य छिपाने में सहयोग किया।
