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इन्दौर। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) सविता जड़िया की कोर्ट ने नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने के आरोपी सौतेले पिता को पांच धाराओ में अलग अलग आजीवन कारावास की सजा सुना छः हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है। पीड़ित प्रतिकर योजनान्तर्गत न्यायालय ने पीड़िता को शारीरिक एवं मानसिक क्षति को ध्यान में रखते हुए दो लाख रुपए की राशि देने की अनुशंसा शासन से की। प्रकरण में अभियोजन पैरवी विशेष लोक अभियोजक वर्षा पाठक ने की। जिला लोक अभियोजन अधिकारी राजेंद्रसिंह भदौरिया के अनुसार अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार है कि 27 जुलाई 2022 को पीडिता ने थाना खुडैल में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी माँ एवं पिता चाय की दुकान पर काम करते हैं। जब भी पीड़िता की माँ अपनी सहेली के यहां जाती थी, तब उसका सौतेला पिता मारपीट और धमका कर दुष्कर्म करता है। पापा धमकी देते कि मम्मी से इस बारे में कुछ भी बताया तो मम्मी और तेरे हाथ पैर तोड दूंगा। एक दिन पापा ने पैसे मांगे तब मैने कहा कि मेरे पास पैसे नही है। तब पापा ने मुझे थप्पड़ से मारे। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार करते विवेचना उपरांत चालान कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने सैंतालीस वर्षीय आरोपी सौतेले पिता निवासी खुडैल को दुष्कर्म की चार विभिन्न धाराओं एवं पॉक्सो अधिनियम में प्रथक प्रथक आजीवन कारावास एवं मारपीट व धमकाने की दो धाराओं में एक-एक वर्ष की कैद के साथ कुल छः हजार रुपए अर्थदण्ड से दंडित करते हुए जेल भेज दिया।

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