
जबलपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता व केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के मुख्य आतिथ्य में नेताजी सुभाष चंद्र बोस सांस्कृतिक एवं सूचना केन्द्र में मध्यप्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने वाले ऐतिहासिक निर्णयों और जनहितैषी पहल का भव्यतम शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में रिमोर्ट कंट्रोल से श्योपुर और सिंगरौली में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों का लोकार्पण किया गया। साथ ही धार, बैतूल, पन्ना और कटनी जिलों में पीपीपी मॉडल पर चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के लिए अनुबंधों पर हस्ताक्षर किये गये। वरिष्ठ नागरिकों के लिए वय वंदना कार्ड वितरण, मातृ एवं शिशु सुरक्षा को सुदृढ़ करने वाली योजनाएँ और डिजिटल नवाचार के रूप में स्मार्ट चैटबॉट का शुभारंभ भी किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री नड्डा ने कहा कि मध्यप्रदेश हेल्थ केयर की सुविधाएं सुनिश्चित करने में सबसे आगे है और इन पहलों से प्रदेश में चिकित्सा अधोसंरचना, जनस्वास्थ्य सुरक्षा और तकनीक आधारित सेवाओं का व्यापक विस्तार होगा। इसके लिए उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार को बधाई व शुभमानाएं भी दी। उन्होंने कहा कि 2 मेडिकल कॉलेज में लेटर ऑफ परमीशन मिलने व 4 मेडिकल कॉलेजों में पीपीटी मॉडल के शुरू होने से मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र की तस्वीर अच्छी होगी। साथ ही कहा कि स्वास्थ्य के बारे में बहुत चर्चाएं होती है लेकिन जब अस्पताल के चक्कर लगाते हैं तब पता चलता है। इन्ही बातों को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य नीतियों में परिवर्तन लाये हैं। पहले बीमार होने पर इलाज कराने का प्रावधान था, लेकिन 2017 में नई हेल्थ पॉलीसी बनी, जिसमें रोगों की रोकथाम के साथ उनसे बचाव की भी चिंता की गई है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर फिट इंडिया मूवमेंट चलाया गया, जिससे आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में बीमारियों की स्क्रीनिंग कर बीमारी का पता लगाकर उनका उपचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 1 साल में 2 करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं और लगभग सवा दो करोड़ महिलायें गर्भ धारण करती है, दोनों के समुचित इलाज के लिए आशा कार्यकर्ताएं घर-घर जाकर उनका हेल्थ चेक करती हैं। यदि कहीं हाई रिस्क स्थिति बनती है तो बिना बाधा के हेल्थ विशेषज्ञ पहुंचकर उपचार सुनिश्चित करते हैं। बच्चों को 16 साल की उम्र तक 27 प्रकार के टीके लगते हैं। देश में स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण ही दूर दराज के इलाकों में भी संस्थागत प्रसव कराने का काम आशा कार्यकर्ता कराती है, जिससे मातृ और शिशु मृत्युदर में भारी कमी आई है। बेहतर इलाज सुनिश्चित हो इसके लिए टेली मेडिसिन सिस्टम शुरू किया गया है। सिकल सेल एनिमिया के उन्मूलन के लिए करोड़ो लोगों की स्क्रीनिंग हुआ है। टीबी स्क्रीनिंग से टीबी के प्रकरण में कमी आई है। आयुष्मान और वय वंदना योजना अंतर्गत 12.74 करोड़ परिवारों को आयुष्मान योजना अंतर्गत नि:शुल्क इलाज की सुविधा सुनिश्चित की जा रही है। अब आयुष्मान योजना के तहत 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को भी 5 लाख तक का हेल्थ कवर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में मेडिकल कॉलेज नीतिगत निर्णयो के आधार पर खुले हैं। जिसके दूरगामी परिणाम यह होगा कि उस इलाके में सहजता से डॉक्टर उपलब्ध हो सकेंगे। केन्द्रीय मंत्री नड्डा ने कहा कि कोरोना काल में प्रधानमंत्री मोदी की सूझ-बूझ से भारत को कोरोना मुक्त किया गया। कोरोना काल में देश ने मात्र 9 माह में दो-दो नई दवाईयों की खोज कर औषधि अनुसंधान व निर्माण की दिशा में क्रांतिकारी कार्य किया। कोरोना से निपटने के लिए भारत ने दुनिया के 100 देशों को दवाईयां भेजी, जिसमें से 40 देशों को नि:शुल्क दवाईयां भेजी गईं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भी तेजी से स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को बधाईयां देते हुए कहा कि वे इस दिशा में बेहतर कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की इस पहल पर केन्द्र सरकार को बधाई दी और कहा कि एक साथ 200 मेडिकल सीट बढना एक सपने जैसा है। 1956 के बाद मध्यप्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे और उनके कार्यकाल में ही 9 मेडिकल कॉलेज खुल गये हैं। अब प्रदेश में तेजी से स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो रहा हैं। जबलपुर में सुपर स्पेशलिटि हॉस्पिटल है। उन्होंने कहा कि अब यह कोशिश की जायेगी कि हर मेडिकल कॉलेज में एक हॉस्पिटल हो। उन्होंने पीपीटी मॉडल के आधार पर स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के बारे में भी बताया। साथ ही कहा कि एयर एंबुलेंस, शव-वाहन, राहगीर योजना जन कल्याण के लिए कारगर योजना साबित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 2 दिन के अंदर 2 नये रिकार्ड बने, जिसमें प्रदेश के सबसे बड़े फ्लाई ओव्हर का लोकार्पण और दूसरा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की पहल। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में तेजी से स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार के लिए कार्य किया जा रहा है।
