
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का अहम फैसला
नई दिल्ली। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने गौहत्या के एक मामले में आरोपी आसिफ को जमानत देने से इंकार किया है। जस्टिस संदीप मुद्गिल की बेंच ने फैसले में कहा कि आसिफ आदतन अपराधी है और उसने पहले भी मिली छूट का गलत फायदा उठाया है। कोर्ट ने बताया कि आसिफ पहले भी गौहत्या के आरोप का सामना कर चुका है। बार-बार इस तरह के अपराध करना न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि यह भारत की संवैधानिक और सांस्कृतिक संरचना के लिए भी खतरा है। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि भारत में गाय को पवित्र माना जाता है और उसकी हत्या करने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
बात दें कि आसिफ के खिलाफ 3 अप्रैल, 2025 को नूंह सदर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने एक गाड़ी से दो गायों को बरामद किया था, जिन्हें कथित तौर पर कत्ल के लिए राजस्थान ले जाया जा रहा था। पुलिस को गाड़ी से चाकू और कुल्हाड़ी भी मिली थीं, जिससे यह अनुमान लगाया गया कि गायों को मारने के लिए ही ले जाया जा रहा था। इस मामले में तसलीम, अमन और आसिफ नाम के तीन लोग शामिल थे। पुलिस की कार्रवाई के दौरान आसिफ मौके से फरार हो गया था। आसिफ ने अमन की तरह जमानत की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि जो व्यक्ति लगातार नियमों का उल्लंघन करता है, उस ऐसी सुविधा नहीं दी जा सकती। पुलिस ने इन आरोपियों के खिलाफ हरियाणा गोवंश संरक्षण और गोसंवर्धन ऐक्ट, 2015 और पशु क्रूरता अधिनियम, 1960 के तहत मामला दर्ज किया था।
