
गुना। जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार सख्ती दिखा रही है। इसी कड़ी में आरोन थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए गत वर्ष पेट्रोल पंप संचालक से हुई लूट और गल्ला व्यापारी से लूट के प्रयास के मामलों में फरार चल रहे अंतिम आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी के निर्देशन, एएसपी मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन और एसडीओपी राघौगढ़ दीपा डोडवे के पर्यवेक्षण में की गई इस कार्रवाई से दोनों मामलों की विवेचना पूरी हो गई है।
घटना के अनुसार 15 अप्रैल 2024 को आरोन क्षेत्र स्थित पनबाड़ी हाट पर श्रीराधे फिलिंग स्टेशन के संचालक प्रवेश रघुवंशी के साथ बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने करीब 6.95 लाख रुपये की लूट की थी। इस मामले में आरोन थाने में अपराध क्रमांक 251/24 धारा 392 एवं 395 भादवि के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। इसके बाद 30 मई 2024 को ही आरोन में गल्ला व्यापारी सुनील जैन के साथ 17 लाख रुपये की लूट का प्रयास किया गया। हालांकि यह प्रयास असफल रहा, लेकिन पुलिस ने इस घटना को भी गंभीरता से लेते हुए अपराध क्रमांक 359/24 धारा 393 और 395 भादवि में प्रकरण दर्ज किया।
दोनों ही मामलों की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि वारदातें एक ही गिरोह ने अंजाम दी थीं। पेट्रोल पंप लूट मामले में कुल 9 आरोपी और गल्ला व्यापारी लूट प्रयास मामले में 10 आरोपी शामिल पाए गए। पुलिस ने सतत प्रयास करते हुए दोनों मामलों में क्रमश: 8 और 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। लेकिन एक आरोपी लगातार फरार चल रहा था। जिसमें आरोपी सद्दाम बेग उर्फ राजा उर्फ दतेड़ा पुत्र सईद उर्फ रईश खान निवासी छपेटी मोहल्ला, सिरोंज जिला विदिशा है। आरोपी की लगातार तलाश की जा रही थी और आखिरकार 24 अगस्त को मुखबिर की सूचना पर आरोन थाना पुलिस ने उसे धर दबोचा। आरोपी से घटना में प्रयुक्त एक होंडा साइन मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। गिरफ्तार आरोपी को सोमवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इन मामलों में आरोपी की गिरफ्तारी में आरोन थाना प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन सिंह भदौरिया, सउनि राजेन्द्र सिंह यादव, प्रधान आरक्षक दीपक त्रिपाठी, प्रधान आरक्षक राममोहन दुबे, आरक्षक कुलदीप शाक्य, आरक्षक राम दांगी और आरक्षक सौरभ यादव की अहम भूमिका रही।
