
जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति द्वारिकाधीश बंसल की एकलपीठ ने पूर्व आदेश की नाफरमानी के रवैये को आड़े हाथों लिया। इसी के साथ कलेक्टर मंडला सोमेश मिश्रा को अवमानना नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब कर लिया। इसके लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है। अवमानना याचिकाकर्ता मंडला निवासी मुकेश श्रीवास की ओर से पक्ष रखा गया। दलील दी गई कि सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग मंडला द्वारा पांच मार्च, 2028 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पौड़ी लिंगा विकासखंड मंडला जिला मंडला में प्रयोगशाला व पुस्तकालय कक्ष निर्माण हेतु राशि 25,61,488 रूपये प्राचार्य शासकीय उच्च माध्यमिक शाला पौड़ीलिंग के शासकीय बैंक खाता में राशि जमा करायी गई थी, जिसका आहरण भी कर लिया गया था। लेकिन न तो लैब का निर्माण हुआ और न ही भवन का। जिस पर संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी गई,उसके उपरांत हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। जिस पर सीजे की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने मंडला कलेक्टर को चार सप्ताह में जांच कर याचिकाकर्ता को जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे, साथ ही कहा था कि यदि आवेदक जांच से संतुष्ट नहीं होता है तो वह पुन: याचिका दायर करने स्वतंत्र है। आवेदक की ओर से कहा गया कि आदेश के बावजूद भी कलेक्टर द्वारा किसी प्रकार की जांच नहीं की गई, जो कि न्यायालय की अवमानना है।
