
सुप्रीम कोर्ट ने माँगा मध्य प्रदेश सरकार से स्पष्टीकरण
नईदिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है। 7 साल की सजा पूरी करने के बाद भी कैदी को जेल में बंद क्यों रखा। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने इसे मध्य प्रदेश सरकार की गंभीर चूक माना है। मध्य प्रदेश सरकार से दो सप्ताह के अंदर जवाब देने के लिए कहा गया है। इस मामले की सुनवाई अब 8 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होगी।
हाईकोर्ट द्वारा सेशन कोर्ट से सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा घटाकर 7 वर्ष कर दी गई थी। सागर जिले की खुरई सेशन कोर्ट ने दोषी को उम्र कैद की सजा और 2000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार 7 वर्ष की सजा पूरी हो जाने के बाद मुलजिम को रिहा करना था। आरोपी को रिहा नहीं किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने इसे गंभीर चूक माना है।
