
वकीलों ने गवाही से रोकने हेतु पत्रकार पर कोर्ट परिसर में किया था हमला
इन्दौर। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीकृष्ण डागलिया की कोर्ट ने हत्या के प्रयास की धारा 307/34 में दोषी करार देते चार वकीलों को सात-सात साल एंव एक नब्बे वर्षीय वकील को तीन साल की सजा से दंडित किया है। मामला पत्रकार पर गवाही से रोकने हेतु किए गए जानलेवा हमले का है। देश में पहली बार पांच वकीलों को दोषी करार दिए जाने के कोर्ट के इस अभूतपूर्व ऐतिहासिक फैसले का प्रकरण उज्जैन कोर्ट परिसर में सन 2009 में वरिष्ठ पत्रकार घनश्याम पटेल पर किए गए जान लेवा हमले का है। जिसमें कोर्ट ने पांच वकीलों को दोषी पाया है । 2009 में गवाही से रोकने के उद्देश्य से कोर्ट परिसर में उज्जैन में वरिष्ठ पत्रकार पर हुए जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट ने 15 सालों तक चली गवाही एवं लंबी बहस के बाद पांच वकीलों धर्मेंद्र शर्मा ,शैलेंद्र शर्मा एवं उनके पिता सुरेंद्र शर्मा ,भवेंद्र शर्मा एवं पुरुषोत्तम राय को दोषी पाया है । देश का यह संभवतः पहला मामला है जिसमें पांच वकीलों को कोर्ट में गवाही से रोकने के लिए गवाह पर किए गए जानलेवा हमले में एक साथ एक ही अपराध में दोषी ठहराया गया है।
