
मेरठ। मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड का मामला कोर्ट में ट्रायल पर चल रहा है। नीला ड्रम बेचने वाले दुकानदार सैफुद्दीन के कोर्ट में बयान दर्ज हुए। मुस्कान और साहिल को वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान पहचाना। अदालत में बताया कि मुस्कान को ही 1100 रुपये में ड्रम बेचा था।
मुस्कान रस्तोगी उर्फ सोभी ने 2016 में इंद्रानगर निवासी सौरभ से प्रेम विवाह किया था। 2019 में मुस्कान ने बेटी पीहू को जन्म दिया। इसी बीच मुस्कान की मुलाकात सहपाठी साहिल शुक्ला से हुई। इसके बाद दंपती के जीवन में विवाद शुरू हुआ। बात तलाक तक पहुंच गई। लेकिन इस बीच सौरभ काम के सिलसिले में लंदन चला गया, इसके बाद साहिल और मुस्कान एक दूसरे के करीब आ गए।
भारत पहुंचने के बाद गत तीन मार्च की रात सौरभ को सब्जी में नशे की दवा मिलाकर दी गई। इसके बाद साहिल और मुस्कान ने चाकू से सौरभ की हत्या कर शव को ड्रम में सीमेंट से जमा दिया। शिमला, मनाली और कसोल घूमने के बाद वापस लौटने पर 18 मार्च को घटना का पर्दाफाश हुआ।
मुस्कान ने शव को ड्रम में गाड़ने के लिए टीपीनगर के हरी मंडप के समीप राज अरोड़ा से सीमेंट खरीदा था। कम पड़ने पर फिर से शारदा रोड से आशू की दुकान से सीमेंट खरीदा गया। शारदा रोड के सिंघल बर्तन स्टोर से चाकू खरीदा था। घंटाघर के दुकानदार सैफुद्दीन से 1100 रुपये में मुस्कान ने ड्रम खरीदा था। बुधवार को मुकदमे में ट्रायल के दौरान सैफुद्दीन के बयान हुए। इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी ने बताया कि सैफुद्दीन ने वीडियो के जरिये मुस्कान और साहिल की पहचान कर गवाही दी।
