
ग्वालियर। पीएमटी पास करने के व्यापम घोटाले की 10 साल तक जांच चलती रही। 10 साल के बाद 26 जुलाई को प्रधान जिला न्यायाधीश के आदेश से व्यापम के आरोपियों का मामला विशेष अदालत को सौंपा गया है। जहां पर 122 आरोपियों के खिलाफ सीबीआई आरोप पत्र दाखिल करेगी।
इस आरोप पत्र में कई डॉक्टरों के नाम शामिल हैं। कांग्रेस विधायक बुंदेलाल सिंह के बेटे अमलेश कुमार का भी इसमें नाम है। 2013 में पुलिस थाना झांसी रोड में इस मामले की एफआईआर दर्ज हुई थी।
2015 में सुप्रीम कोर्ट ने मामले को सीबीआई जांच के लिए दिया था। सीबीआई ने जुलाई 2015 में प्रकरण पंजीबद्ध किया था। 5 दिसंबर 2020 को कोर्ट में चालान पेश किया। तब से कोर्ट में लंबित पड़ा हुआ था। अब इस मामले को प्रधान जिला न्यायाधीश ने विशेष अदालत को सौपा है।
इसमें जो चर्चित आरोपी हैं। उनके नाम डॉक्टर विजय सिंह, डॉक्टर उमेश कुमार बघेल, डॉ अभिषेक सचान पुत्र सुरेंद्रनाथ सचान, डॉ संजय वर्मा, डॉक्टर सुधीर सिंह,डॉक्टर उदय प्रताप सिंह,डॉक्टर सुरेंद्र कुमार, डॉक्टर हितेंद्र यादव, दीपक और राहुल यादव, अखिलेश सिंह यादव, संजय बाथम, अरुण यादव पुत्र अशोक सिंह,दिलीप मुजाल्दे, सतीश यादव, शैलेंद्र निरंजन, विंध्यवासिनी कुमार, विशाल यादव,रामकुमार सिंह यादव, रामराज सिंह, विकास कुमार यादव,कुमार गौरव और चांद खान के नाम भी आरोप पत्र में शामिल हैं।
सीबीआई में यह मामला 10 साल से लंबित है। आरोपियों के खिलाफ जब 10 साल बाद चार्ज शीट पेश होगी। कब फैसला होगा, भगवान ही जाने। जांच एजेंसियों और न्यायपालिका की कार्य प्रणाली को लेकर आमजनों में विश्वास कम होता जा रहा है।
