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अहमदाबाद| गुजरात के बहुचर्चित बिटकॉइन केस में सत्र अदालत ने 14 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है| जिसमें पूर्व विधायक, पूर्व आईपीएस, तत्कालीन पीआई, सीबीआई इंस्पेक्टर और वकील समेत 14 आरोपी शामिल हैं| 2018 में सामने आए इस घोटाले ने पुलिस अधिकारियों और राजनेताओं की संलिप्तता के कारण पूरे राज्य में सनसनी मचा दी थी। यह मामला भारत में नोटबंदी के बाद उस समय का है जब लोगों ने अपने पैसों के निवेश के विकल्प की तलाश में क्रिप्टोकरेंसी का रुख किया। सूरत में बिट कनेक्ट नाम की एक कंपनी ने निवेशकों को भारी रिटर्न का वादा करके निवेश कराना शुरू किया। कई लोगों ने इस कंपनी पर भरोसा किया और बड़ी रकम निवेश की। सूरत के एक जाने-माने बिल्डर शैलेश भट्ट ने भी अपनी कमाई के करोड़ों रुपये इसमें निवेश किए। लेकिन, कुछ समय बाद बिट कनेक्ट कंपनी बंद हो गई और निवेशकों का पैसा फंस गया। इससे गुस्साए शैलेश भट्ट ने अपने साथियों की मदद से कंपनी के कर्मचारियों और पदाधिकारियों का अपहरण कर लिया और उनसे बिटकॉइन और लाइटकॉइन समेत करोड़ों रुपये की उगाही कर ली। इस घटना के बाद कुछ पुलिस अधिकारियों ने शैलेश भट्ट का भी अपहरण कर लिया और 200 बिटकॉइन हड़पकर 32 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी।

इस मामले में सीआईडी ​​क्राइम, गांधीनगर द्वारा पूर्व विधायक नलिन कोटडिया और कुछ पुलिस कर्मियों के खिलाफ अपहरण और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के साथ शिकायत दर्ज की गई थी। शैलेश भट्ट पर सूरत के धवल मवानी से 150 करोड़ रुपये के बिटकॉइन, 11,000 लाइटकॉइन और 14.5 करोड़ रुपये की फिरौती वसूलने का आरोप था। उसने यह रकम बिटकनेक्ट कंपनी के पदाधिकारियों का अपहरण करके हासिल की थी। तत्कालीन विधायक नलिन कोटडिया और उनके साथियों केतन पटेल और किरीट पलाडिया को शैलेश भट्ट द्वारा बिटकॉइन हासिल करने की जानकारी मिली। तीनों ने शैलेश भट्ट से बिटकॉइन हड़पने की योजना बनाई। इस योजना में केतन पटेल और नलिन कोटडिया ने अमरेली पुलिस के तत्कालीन एसपी जगदीश पटेल के साथ हाथ मिला लिया। योजना के अनुसार शैलेश भट्ट को गांधीनगर से अगवा कर एक फार्महाउस में बंद कर दिया गया। इस दौरान पूर्व सीबीआई इंस्पेक्टर सुनील नायर ने उनके पास से लगभग 5 करोड़ रुपये नकद जबरन वसूल किए। पूरे मामले की जांच के बाद इन सभी आरोपियों के खिलाफ केस की सुनवाई अहमदाबाद के सिटी सिविल और सत्र न्यायालय में स्थित भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की विशेष अदालत में शुरू हुई। राज्य सरकार ने इस महत्वपूर्ण मामले के लिए अमित पटेल को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया था, जिन्होंने सरकार की ओर से दलीलें पेश कीं। आखिरकार गुजरात के इतिहास के सबसे चर्चित और अनोखे घोटालों में से एक बिटकॉइन मामले में अहमदाबाद की विशेष अदालत ने पूर्व विधायक पूर्व विधायक नलीन कोटडिया, पूर्व आईपीएस जगदीश पटेल के साथ ही अमरेली के तत्कालीन पीआई अनंत पटेल, सीबीआई इंस्पेक्टर सुनील नायर, किरीट पालडिया और वकील केतन पटेल समेत 14 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा का आदेश दिया है

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