गोबर गणेश पूजन, पौधारोपण एवं प्रकृति संरक्षण का दिया गया संदेश

दमोह : अखंड निराहार समर्थ सदगुरु सिद्ध महायोगी श्री दादा गुरु महाराज जी का आगमन शुक्रवार को देव श्री जागेश्वर धाम में हुआ। इस अवसर पर मंदिर ट्रस्ट द्वारा गोबर गणेश उत्सव और सामूहिक पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।श्रावण मास से पूर्व ही दादा गुरु ने अपने प्रवास के दौरान मंदिर प्रबंधकों और श्रद्धालुओं को बड़े स्तर पर पौधारोपण के निर्देश पर मंदिर ट्रस्ट ने धेनुवन गोवर्धन पर्वत पर बृहद पौधारोपण अभियान चलाया। आज पुनः हुए आगमन पर दादा गुरु ने श्री जागेश्वरनाथ जी का पूजन किया, तत्पश्चात दादा गुरू महाराज जी ने नित्यानंद सरकार और केवलारी समाधि स्थल पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए तथा धेनुवन गोवर्धन पर्वत पहुँचकर गोबर गणेश का पूजन किया।

दादा गुरु महाराज जी ने गौमाताओं का पूजन कर उन्हें चारा खिलाया, ध्वजारोहण किया और तत्पश्चात पीपल के पौधे की छाया में भक्तों को संदेश दिया। उन्होंने कहा पौधे देवताओं की आत्मा हैं। पौधे हैं तो जीवन है, पौधे नहीं तो हमारा अस्तित्व भी नहीं है। सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन का दर्शन है जिसमें वृक्ष, पर्वत, नदियाँ और गौ माता को ईश्वर का स्वरूप स्वीकार किया गया है। यदि वृक्ष हैं तो जीवन है, यदि गौ माता हैं तो संस्कृति जीवित है। हमारी संस्कृति वही है जो धरती की धारा, वृक्षों की छाया और पर्वतों की ऊँचाइयों में दिखाई देती है। सनातन धर्म की महिमा केवल मंदिरों तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी सृष्टि में विद्यमान है।
उन्होंने आह्वान करते हुए कहा वृक्षों की रक्षा, गौ माता की सेवा और पर्वतों का सम्मान ही सनातन धर्म की सच्ची साधना है। इसी भावना के साथ ग्रामवासियों, भक्तों और मंदिर कर्मचारियों की सहभागिता से 108 पौधों का सामूहिक रोपण किया गया। इस पावन अवसर पर पूरा वातावरण भक्ति, आस्था और हरियाली से ओतप्रोत रहा।इस अवसर पर मंदिर प्रबंधक रामकृपाल पाठक, केदारनाथ दुबे, संस्कृत वेदांग विद्यालय के प्राचार्य कुंजीलाल डिम्हा सहित आचार्यगण, विद्यार्थी और महर्षि छात्र मौजूद रहे। सभी ने भूमि पूजन कर बरगद सहित विभिन्न पौधों का रोपण किया।

इसी क्रम में दादा गुरु महाराज जी का जबेरा विधानसभा प्रवेश होते ही जगह-जगह उनके दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। दादा गुरु ने गुबरा स्थित राधा कृष्ण मंदिर, जबेरा के श्री सिद्धेश्वर नर्मदेश्वर शिव मंदिर एवं नोहटा के नोहलेश्वर मंदिर पहुँचकर दर्शन-पूजन किया और उपस्थित श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया।
