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बीमार होने के बाद भी अस्पताल जाने को तैयार नहीं थी , छठवें बच्चे को जन्म देगी बैगा जनजाति की गर्भवती महिला

बालाघाट । बिरसा ब्लॉक के मोहगांव के चिचरुंगपुर वन ग्राम टोंडियाटोला में रहने वाली 29 वर्षीय आदिवासी बैगा महिला सुगवती पति बिरन मर्सकोले अब छठवें बच्चे को जन्म देगी। फिलहाल वह गर्भवती है और पिछले कई दिनों से बीमार थी। गर्भवती होने के बावजूद वह अस्पताल जाने से इंकार कर रही थी। पति भी उसका उपचार झोलाछाप डॉक्टर से कराने की जिद पर अड़ा हुआ था। हालांकि, स्वास्थ्य अमले की समझाइश के बाद वह तैयार हुई। उसे तत्काल संजीवनी-108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरसा लाया गया।
जानकारी के अनुसार गांव में स्वास्थ्य विभाग की सीएचओ शशिकला बिसेन पहुंची थी, जिसने आशा कार्यकर्ता के साथ बीमार व गर्भवती महिलाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्हें सुगवती के बीमार होने की जानकारी लगी। मौके पर जाकर सुगवती व उसके पति से सम्पर्क करने पता चला कि सुगवती छठवीं बार गर्भवती हैं और पहले से उसके पांच बच्चे हैं। सीएचओ ने देखा कि सुगवती में खून की बहुत कमी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया जाना बहुत जरूरी है। उसने सुगवती के पति से कहा कि उसे उपचार के लिए अस्पताल लेकर जाए। लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं था और आनाकानी करने लगा। सीएचओ बिसेन ने बिरसा के बीएमओ डॉ सुनील सिंह को इसकी जानकारी दी और संजीवनी-108 ग्राम चिचरुंगपुर भिजवाने का अनुरोध किया। जिस पर डॉ सुनील सिंह ने तत्परता से कार्यवाही कर संजीवनी-108 को चिचरुंगपुर भिजवाने की व्यवस्था की।
डेढ़ किमी पदयात्रा कर गांव पहुंचे कर्मचारी
संजीवनी-108 एम्बुलेंस 5 सितंबर को सुबह चिचरुंगपुर पहुंची। टोंडिया टोला से चिचरुंगपुर पहुंच मार्ग भारी बारिश से खराब हो गया था, जिसके कारण संजीवनी-108 एम्बुलेंस का वहां पहुंचना कठिन था। इस कारण संजीवनी-108 के ईएमटी डॉ गौरी शंकर पटले व पायलेट जयेश चौहान, आशा कार्यकर्ता चीमन ठाकरे के साथ चिचरुंगपुर लगभग डेढ़ किमी पैदल ही गये। वहां बैगा परिवार अस्पताल जाने से पूरी तरह से इंकार कर रहा था। महिला का पति झोलाछाप डॉक्टर से महिला को बाटल लगवाने की बात कर रहा था। स्वास्थ्य अमले ने ग्रामीण महिलाओं के सहयोग से परिवार को समझाया और पीडि़त महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरसा में सकुशल भर्ती कराया गया। जहां बीएमओ के दिशा निर्देश पर तुरंत महिला का उपचार प्रारम्भ किया गया।
पांचों बच्चे मलेरिया से ग्रसित
सुगवती के पहले से ही पांच बच्चे हैं। पांचों बच्चे भी बुखार से पीडि़त थे। स्वास्थ्य अमले ने इन बच्चों की भी जांच की। जांच में वे मलेरिया से ग्रसित पाए गए। सुगवती के साथ उसके पांच बच्चों को भी बिरसा अस्पताल में भर्ती कराकर उनका उपचार शुरु कर दिया गया है।

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