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उपस्वास्थ्य केंद्र उड़दना का मामला
बालाघाट। परसवाड़ा क्षेत्र के उपस्वास्थ्य केंद्र उड़दना में पदस्थ एक सरकारी डॉक्टर पर आदिवासी महिला ने छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि उपचार के बहाने डॉक्टर ने अभद्र हरकत की और उसे अपने निजी क्लीनिक में बुलाया। जब पीडि़ता के पति ने विरोध किया तो डॉक्टर ने उसके साथ हाथापाई कर दी। इतना ही नहीं पति के खिलाफ थाने में शासकीय कार्य में बाधा डालने और मारपीट का अपराध दर्ज कराया है। इधर, 7 सितंबर को ग्रामीणों ने इसका विरोध जताया। डॉक्टर पर कार्यवाही की मांग की। कार्यवाही नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
पीडि़ता के अनुसार स्वास्थ्य खराब होने पर 28 अगस्त को वह उपचार के लिए उपस्वास्थ्य केंद्र उड़दना पहुंची थी। जहां डॉक्टर ने इलाज करने के बजाय उसके साथ छेड़छाड़ की। अस्पताल में उपचार नहीं होने की बात कहकर उसे भीकेवाड़ा स्थित अपने क्लीनिक पर बुलाया। पहले दिन महिला ने घटना के बारे में किसी को कोई भी जानकारी नहीं दी। दूसरे दिन 29 अगस्त को महिला ने घटना की जानकारी अपने पति को दी। लेकिन उपस्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर नहीं पहुंचा था। इस दौरान महिला के पति ने अन्य ग्रामीणों को घटना के बारे में जानकारी दी।
डॉक्टर ने की मारपीट, थाने में दर्ज कराई शिकायत
घटना के बाद 6 सितंबर को डॉक्टर उपस्वास्थ्य केंद्र उड़दना पहुंचा। डॉक्टर के आने की सूचना मिलने पर महिला का पति उनसे बात करने के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा। इस दौरान डॉक्टर और महिला के पति के बीच उक्त घटनाक्रम को लेकर बहस होने लगी। आरोप है कि डॉक्टर ने बात करने की जगह पीडि़ता के पति को धक्का देकर लात मार दी। उसे घसीटते हुए केंद्र के बाहर तक लाया। इस पूरे घटनाक्रम को मौके पर मौजूद आशा कार्यकर्ता ने भी देखा, जिसकी उन्होंने पुष्टि भी की है। इस घटना के बाद डॉक्टर ने थाने पहुंचकर पीडि़ता के पति के खिलाफ ही शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न और मारपीट करने की शिकायत दर्ज करा दी।
घटना से आक्रोशित हुए ग्रामीण
डॉक्टर के इस रवैये से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। 7 सितंबर को ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्यवाही नहीं हुई तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि डॉक्टर को न तो महिला से छेड़छाड़ करना था और न ही उसके पति से मारपीट।
इनका कहना है
पीडि़ता का पति डॉक्टर से बातचीत करने के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा था। लेकिन डॉक्टर ने बातचीत करने की बजाए उसके साथ मारपीट की। उल्टे थाना में जाकर शिकायत भी दर्ज करा दी। मारपीट का पूरा घटनाक्रम मेरे सामने हुआ है। पीडि़ता के पति ने डॉक्टर के साथ किसी भी तरह से कोई मारपीट नहीं की।
-संजूलता इनवाती, आशा कार्यकर्ता
स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर ने गांव की ही महिला से छेड़छाड़ की है, जो कि गलत है। उसका पति जब चर्चा करने अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टर ने मारपीट कर दी, जिसका सभी ग्रामीणों ने विरोध जताया है। इस मामले में यदि डॉक्टर के खिलाफ ठोस कार्यवाही नहीं होती है तो उग्र आंदोलन करेंगे।
-हिरोंदी बाई महलवार, ग्रामीण महिला
गांव की महिला के साथ डॉक्टर ने छेड़छाड़ कर दी है, जिसके कारण तनावपूर्ण माहौल उत्पन्न हो गया है, जो कि गलत है। डॉक्टर वैसे भी अस्पताल में नियमित रुप से नहीं पहुंचते हैं। पीडि़ता के पति से मामले को गांव में ही आपसी चर्चा कर सुलझाने की समझाइश दी गई है।
-किशोर कुमार नगपुरे, उपसरपंच, ग्रापं उड़दना

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