
अंधविश्वास बनी वजह, पुलिस को गुमराह करने स्वयं थाना पहुंचकर दर्ज कराई रिपोर्ट
बालाघाट। किरनापुर थाना पुलिस ने अंधे हत्याकांड का खुलासा किया है। कलयुगी पुत्र ही अपने पिता का कातिल निकला। जादूटोना के शक में पुत्र ने अपने पिता की पहले हत्या की और पुलिस को गुमराह करने के लिए स्वयं थाना पहुंचकर रिपोर्ट भी दर्ज कराई। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में आरोपी पुत्र कैलाश पिता बंशीलाल टोंडरे 37 वर्ष निवासी भुआ को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने बताया कि 5 सितंबर को कैलाश टोंडरे ने थाना में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पिताजी बंशीलाल टोंडरे 67 वर्ष घर पर अचानक गिर गए, चोट अधिक लगने से उनकी मौत हो गई। सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची। घटना स्थल का निरीक्षण एफएसएल यूनिट, डॉग स्क्वॉड और फिंगर प्रिंट टीम द्वारा किया गया। शव का पीएम कराए जाने पर मारपीट व गला घोटने से मृत्यु होना पाया गया। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 103 (1), 238 भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी अशोक कुमार ननामा के नेतृत्व में जांच टीम का गठन किया गया। टीम ने सघनता से मामले की जांच कर अंधे हत्याकांड का खुलासा किया।
विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर मृतक के पुत्र कैलाश पर संदेह हुआ। उसे पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में कैलाश ने बताया कि वह लंबे समय से अपने पिता पर जादूटोना का शक करता था। पिता के कथित जादूटोना के कारण उसकी किराना दुकान बंद हो गई। वह और उसकी पत्नी भी अक्सर बीमार रहते थे। पत्नी का तीन माह का गर्भ भी नहीं ठहर सका। घटना वाले दिन घर में गाय के बछड़े के गले से खून निकलने पर उसने इसका कारण भी अपने पिता को ही माना। अंधविश्वास के चलते कैलाश ने अपने ही पिता का गमछे से गला घोटकर हत्या कर दी।
