Spread the love

जनता मांग रही अपनी पुरानी ट्रेन की बहाली

(जुगुल किशोर मिश्रा)

शहडोल: देश की सर्वोच्च सदन संसद में शहडोल लोकसभा की जनता ने चुनकर युवा सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह को लगातार दोबारा सांसद बनाकर भेजा। उम्मीद थी कि वह संसदीय क्षेत्र के विकास को नया आयाम देंगी, लेकिन छत्तीसगढ से सटे जिले के सीमावर्ती क्षेत्र वेंकटनगर की जनता ने जहां रेलवे स्टेशन में यात्री ट्रेनों का ठहराव न होने से सासंद से कड़ी नाराजगी जताई है। वहीं वेंकटनगर आकर विकास कार्यों का जायजा लेने के लिये सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह को खुला आमंत्रण दिया है, कि वह जनता के बीच आकर बताये कि उन्होंने पांच सालो में इस सीमावर्ती क्षेत्र के विकास हेतु क्या कुछ किया और क्या कुछ करने की वह सोच रखती है।*

वेंकटनगर। प्रदेश के अंतिम छोर स्थित अनूपपुर जिले का वेंकटनगर छत्तीसगढ की सीमा से सटा हुआ है इसलिये इसे सीमावर्ती क्षेत्र माना जाता है। लेकिन सीमावर्ती क्षेत्र का जिस तरह से विकास होना चाहिये उससे वह अभी कोषों दूर है इस क्षेत्र की जनता ने 18वीं लोकसभा के दौरान भारतीय जनता पार्टी से मैदान में रही श्रीमती हिमाद्री सिंह पर दोबारा भरोसा करते हुये उन्हें देश के सर्वोच्च सदन भेजने में अपने मतों का भरपूर दान किया था। लेकिन विडंबना है कि साल 2019 के बाद वेंकटनगर के लोगो ने लगभग तीन साल आठ माह बाद जनवरी 2023 को सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह को रेलवे ओवर ब्रिज के उद्घाटन पर देखा था, जिसके बाद जनता के मन में सांसद को लेकर क्षेत्र की जनता में सवाल तो अनेक थे वह जब तक सांसद से बात कर पाते कि सांसद बंद कांच की गाडी में हांथ हिलाते हुए उनके बीच से चली गयी। सांसद से मिलने के लिये बेवस जनता ने अब उन्हें मीडिया के माध्यम से खुला आमंत्रण देते हुए वेंकटनगर बुलाकर मिलना चाहती है।

सांसद से जनता की थी यह अपेक्षाएं

सीमावर्ती क्षेत्र वेंकटनगर व आसपास के ग्रामीण जनों की युवा सांसद हिमाद्री सिंह से संसद भवन पहुंचने के बाद जो अपेक्षाएं थी उनमें प्रमुख रूप से वेंकटनगर स्थित डाकघर को स्थाई भवन, रेलवे स्टेशन वेंकटनगर में कोरोना के पहले सम्पूर्ण यात्री ट्रेनों का ठहराव, गांव से अनूपपुर छत्तीसगढ मुख्य मार्ग को जोडने वाली सड़कें, बंद नल-जल योजना का सुचारू रूप से संचालन व एकलव्य आवासीय विद्यालय की स्थापना प्रमुख रही। जिनमें से एक भी कार्य सांसद के द्वारा प्रारंभ नही कराये गये पूर्ण कराने की बात तो कोषों दूर है। साल 2024 में लोकसभा के चुनाव होने के बाद एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार बनने के बाद जनमत देने वाली जनता के बीच जिस जनता की अपेक्षाएं सांसद हिमाद्री सिंह के द्वारा सुनी तक नही गई।

जनता की इसलिए थी सांसद से उम्मीदें

वेंकटनगर पुष्पराजगढ़ विधानसभा के निचले स्तर में है और यहां से कांग्रेस के विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को है जो जनता से यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं कि डबल इंजन की सरकार के आगे वह कुछ नहीं कर पा रहे है। मांग वह हमेशा वेंकटनगर क्षेत्र के विकास की करते हैं, लेकिन उसे पूरा करने वाले इसलिये ध्यान नहीं देते कि यहां कांग्रेस का विधायक है। ऐसे में क्षेत्र की जनता की उम्मीदें सांसद हिमाद्री सिंह से बढ़ गई थी कि प्रदेश में भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार हैं और केन्द्र में भी नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार है पर सांसद हिमाद्री सिंह से जनता की उम्मीदें खुला आमंत्रण दिये जाने पर लगता है अभी भी टिकी हुई है।

फुर्सत मिले तो वेंकटनगर आईये सांसद महोदया

18वीं लोकसभा के लगभग मई 2024 में हुए उसके बाद वेंकटनगर क्षेत्र की जनता ने अपनी सांसद हिमाद्री सिंह को तकरीबन 3 साल 8 माह बाद वेकटनगर में देखा। यानी कि सांसद महोदया को अपने गृह निवास राजेन्द्रग्राम से 40 किलो मीटर दूर निवासरत जनता से मिलने का समय रेलवे ओवर ब्रिज वेंकटनगर के शुभारंभ अवसर पर मिला। वह भी चंद घंटे भी नहीं रूकी, क्षेत्र की जनता उनके निवास पर जरूर पहुंची जहां वह कभी मिली तो कभी रही नहीं। सीमावर्ती क्षेत्र वेंकटनगर में कुछ ऐसे विशेष कार्यों की आवश्यकता है जिससे कि छत्तीसगढ़ से आने व जाने के दौरान लोगों को अहसास हो कि वह सीमावर्ती क्षेत्र से गुजर रहे हैं। जनता का कहना है कि यहां के विकास की नैतिक जिम्मेदारी सांसद जी है जो उन्होंने समझा नहीं।

सत्ताधारी नेता भी ट्रेन रूकवाने में हो रहे असफल

वही सत्ता में आसीन भाजपा नेता भी ट्रेन जैसी मूलभूत सुविधाओं को जनता को वापस दिला पाने में नाकामयाब साबित हो रहें हैं। भाजपा की बैठक में ट्रेन का मुद्दा लगातार सामने आता ही रहता है, कई बार पत्राचार करने के बाद भी आखिर ट्रेन का स्टॉपेज क्यों नहीं पुछती है वेंकटनगर की जनता…? लगातार पत्राचार समाचार पत्रों में खबरों के बाद भी सांसद की चुप बैठी है या फिर यह कहना गलत नहीं होगा की युवा सांसद की बात रेलवे नहीं सुना रहा है।

इनका कहना है

11 अक्टूबर को मेरा गरीबरथ ट्रेन में कानपुर जाने के रिज़र्वेशन था, अब ट्रेन कैंसिल होने के कारण काफी समस्या हो रही है।

परीक्षित सिंह, स्थानीय निवासी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *