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पुलिस मुखबिरी के शक में नक्सलियों ने की युवक की हत्या, चौरिया के जंगल से किया था अपहरण
परसवाड़ा-मलाजखंड दलम ने ली घटना की जिम्मेदारी
सैकड़ों जवानों ने जंगल में संभाला मोर्चा …..30 अलग-अलग दलों में 8 सैकड़ा से अधिक जवान कर रहे सर्चिंग

बालाघाट । पुलिस मुखबिरी के शक में नक्सलियों ने एक युवक की हत्या कर दी। युवक देवेंद्र यादव का शव गुरुवार को चौरिया गांव के जंगल में मिला है। पुलिस ने शव का पीएम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। इधर, नक्सलियों ने परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के चीनी और कुकड़ा गांव बैनर बांधकर पर्चे भी छोड़े हैं। इन बैनर और पर्चों में सरकार पर युवाओं को मुखबिर बनाकर बर्बाद करने का आरोप लगाया गया है। इस घटना की जिम्मेदारी परसवाड़ा मलाजखंड दलम ने ली है। घटना के बाद से जंगलों में 30 से अधिक पार्टियां जंगलों में मोर्चा संभाला हुआ है। 8 सैकड़ा से अधिक जवान सर्चिंग कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार पौसेरा निवासी देवेंद्र यादव 24 वर्ष अपने साथी अवधेश के साथ जंगल में दहियान का संचालन करता था। यह दहियान चौरिया और राहली गांव के बीच में स्थित है। इसी दहियान के माध्यम से वह दूध, दही बेचकर अपनी आजीविका चलाता था। मंगलवार की शाम को नक्सलियों ने मुखबिरी के शक में देवेंद्र का अपहरण कर लिया, बाद में उसकी हत्या कर शव को जंगल में फेंक दिया। बुधवार को जंगलों में चलाए गए सर्चिंग ऑपरेशन में लापता देवेंद्र का कोई पता नहीं चल पाया था। गुरुवार को पुलिस ने पुन: सर्चिंग अभियान चलाया। इस दौरान चौरिया गांव के ही जंगल में देवेंद्र का शव पाया गया। बताया गया कि सुरक्षा बलों ने ही शव को देखा था, जिसकी जानकारी उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी, जिसके बाद शव को बरामद किया गया। सिविल अस्पताल लांजी में शव का पीएम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। इस पूरे घटना की जिम्मेदारी परसवाड़ा मलाजखंड एरिया कमेटी भाकपा (माओवादी) ने ली है।
उल्लेखनीय है कि देवेंद्र अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। उसके माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। उसकी तीन बहनें हैं, जिसमें से दो का विवाह हो चुका है। एक छोटी बहन गांव में रहती है।


चीनी-कुकड़ा गांव पहुंच मार्ग में बांधे बैनर
इधर, युवक का अपहरण किए जाने के बाद नक्सलियों ने परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के चीनी-कुकड़ा गांव पहुंच मार्ग में एक बैनर बांधा। साथ ही दो पर्चे भी छोड़े हैं। इस बैनर में उल्लेख किया गया है कि जिले में पुलिस भर्ती के नाम पर मुखबिरों की भर्ती कराई जा रही है, युवा पीढ़ी इसका विरोध करें। इतना ही नहीं बैनर में मोहन यादव की सरकार में युवा पीढ़ी के सुरक्षित नहीं होने का भी उल्लेख किया गया है। इसके अलावा नक्सलियों ने पुलिस के रोजगार अभियान का भी विरोध जताया है। नक्सलियों ने चेतावनी दी है कि जो भी पुलिस का मुखबिर बनेगा, उसके जान की जिम्मेदारी स्वयं और शासन-प्रशासन व पुलिस की होगी।


जंगलों में बढ़ाई सर्चिंग, जवानों को किया अलर्ट
इस घटना के बाद जंगलों में सर्चिंग बढ़ा दी गई है, जवानों को अलर्ट कर दिया गया है। खासतौर पर उन क्षेत्रों में पुलिस अपनी विशेष निगाहें रख रही है, जिन क्षेत्रों से नक्सलियों के आवागमन की संभावना अधिक रहती है। इस नक्सली घटना के बाद 30 पार्टियों में शामिल 800 से अधिक जवानों ने जंगल में मोर्चा संभाले हुए है। उल्लेखनीय है कि दक्षिण बैहर क्षेत्र में नक्सलियों की सक्रियता लगातार बनी हुई है। हालांकि, नक्सल उन्मूलन में लगे जवानों की सक्रियता के चलते बीते दिनों हलचल काफी कम हो गई थी। इतना ही नहीं पुलिस एनकाउंटर में हार्डकोर व इनामी नक्सलियों के मारे जाने से ग्रामीणों में उनकी पकड़ कमजोर हो गई थी। इतना ही नहीं जिले में नक्सलियों की संख्या काफी कम थी, जिससे लग रहा था कि नक्सली बैकफुट पर आ गए हैं। लेकिन बीते दिनों से नक्सलियों ने अपनी हलचल तेज कर दी है।

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