
50 हजार रुपए दिए नगद, 3 लाख रुपए की भरी थी विड्राल पर्ची, ईओडब्ल्यू ने किया गिरफ्तार
ईओडब्ल्यू ने लालबर्रा स्टेट बैंक के सामने की कार्यवाही
बीटगार्ड के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज
बालाघाट। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ जबलपुर की टीम ने गुरुवार को लालबर्रा वन परिक्षेत्र के नवेगांव बीट में पदस्थ वनरक्षक मत्तम नगपुरे को रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया है। ईओडब्ल्यू ने यह कार्यवाही उस समय की, जब वह नवेगांव के एक पीडि़त ग्रामीण के साथ एसबीआइ बैंक आया था। वह ग्रामीण से तीन लाख रुपये निकालने के लिए आहरण पर्ची भरा रहा था, तभी ईओडब्ल्यूडी की टीम ने उसे बैंक के बाहर पकड़ लिया। आरोपी वनरक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 के तहत केस दर्ज कर मामले को कार्यवाही में लिया है। वनरक्षक मत्तम नगपुरे ने नवेगांव से विस्थापित होने वाले ग्रामीण राजेंद्र धुर्वे से 3.5 लाख रुपए रिश्वत की मांग की थी। यह रिश्वत सोनेवानी अभयारण्य के विस्थापित परिवारों को मिलने वाली सरकारी सहायता राशि से जुड़ी थी।

जानकारी के अनुसार सोनेवानी अभयारण्य के तहत तीन गांव सोनेवानी, नवेगांव और चिखलाबड्डी को विस्थापित किया जा रहा है। सरकार इन विस्थापित परिवारों को प्रति यूनिट 15-15 लाख रुपए की मुआवजा राशि दे रही है। पहली किस्त के रूप में प्रत्येक परिवार के खाते में 5-5 लाख रुपए डाले जा चुके हैं। पीडि़त ग्रामीण राजेंद्र धुर्वे के परिवार में 5 सदस्यों को 15-15 लाख रुपए की दर से 75 लाख रुपए की मुआवजा राशि मिलना है। जिसमें से सरकार की ओर से 20 लाख रुपए की राशि उनके बैंक खाते में डाली जा चुकी है। शेष 55 लाख रुपए की मुआवजा राशि दिलाए जाने के नाम पर बीट गार्ड ने 4 लाख रुपए के रिश्वत की मांग की थी।
बीट गार्ड ने मांगे थे 4 लाख रुपए
शिकायतकर्ता राजेंद्र धुर्वे के अनुसार वनरक्षक नगपुरे ने कागजात बनवाने के नाम पर उनसे 4 लाख रुपए की मांग की थी। बाद में यह सौदा 3.5 लाख रुपए में तय हुआ था। राजेंद्र ने इसकी शिकायत जबलपुर स्थित ईओडब्ल्यू कार्यालय में की थी। शिकायत की पुष्टि होने के बाद ईओडब्ल्यू की टीम ने एक योजना बनाई। गुरुवार को, राजेंद्र ने लालबर्रा स्टेट बैंक के सामने वनरक्षक को 50 हजार रुपए नगद और 3 लाख रुपए का एक विड्रॉल दिखाकर रिश्वत दी थी। इसी दौरान ईओडब्ल्यू की टीम ने वनरक्षक मत्तम नगपुरे को रिश्वत लेते हुए धर दबोचा।
रिश्वत की राशि को किया जब्त
ईओडब्ल्यू टीम ने बीट गार्ड को गिरफ्तार कर रिश्वत की राशि जब्त कर लिया। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम संशोधन 2018 की धारा 7(ए) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई कर रही है। इस कार्यवाही में ईओडब्लूयु जबलपुर के डीएसपी मंजीत सिंह, निरीक्षक प्रेरणा, निरीक्षक मोमेंद्र मर्सकोल, आरक्षक शेख नदीम, सुमित पांडे, कयूम खान, समीर खान सहित अन्य शामिल थे।
