
नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट को सूचित किया है कि आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को 10 दिनों के भीतर एक उपयुक्त सरकारी आवास आवंटित किया जाएगा। इसकी जानकारी सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की बेंच के समक्ष दी। आप पार्टी की याचिका पर सुनवाई करते हुए, हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के बयान पर संतोष जाहिर किया। न्यायमूर्ति दत्ता ने कहा कि वे इस बयान को ध्यान में रखते हुए याचिका का निपटारा करुंगा कि आवास का आवंटन याचिकाकर्ता के राष्ट्रीय राजनीतिक दल के अध्यक्ष के रूप में किया जाएगा।
इसके पहले, 16 सितंबर को दिल्ली हाई कोर्ट ने आवास आवंटन में हुई देरी पर केंद्र सरकार की आलोचना कर कहा था कि आवंटन एक निष्पक्ष और पारदर्शी नीति के तहत होना चाहिए। कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि यह अधिकारियों की मनमुताबिक नहीं हो सकता। हाईकोर्ट ने सरकार से 18 सितंबर तक आवास के लिए मौजूदा प्रतीक्षा सूची और नीति का ढांचा प्रस्तुत करने को कहा था।
मामले पर न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने जोर देकर कहा कि सरकारी आवास का आवंटन एक पारदर्शी प्रणाली के तहत होना चाहिए और यह किसी भी तरह से मनमाना नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा सिर्फ एक आवंटन का नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा सवाल है कि इसतरह के मामलों में विवेक (अधिकार) का उपयोग कैसे किया जाता है।
