
अरेरा कॉलोनी शराब दुकान मामले में एडीएम ने पेश की रिपोर्ट
भोपाल। राजधानी की पॉश कॉलोनी अरेरा कॉलोनी में स्थित शराब दुकान विवाद को लेकर एडीएम ने रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। इसके मुताबिक शराब दुकान से मंदिर की दूरी महज 50 मीटर है, जबकि अस्पताल की दीवार और शराब दुकान की दीवार एक ही हैं। पर न तो मंदिर ही रजिस्टर्ड है और न ही अस्पताल का जिक्र गजट में है, ऐसे में 100 मीटर दूरी का नियम लागू नहीं हो सकता है। इसका सीधा अर्थ यही निकाला जा रहा है कि शराब दुकान तो रहेगी, हटाना ही तो मंदिर और अस्पताल हटा लें।
जानकारी अनुसार अरेरा कॉलोनी में संचालित शराब दुकान मामले पर मानव अधिकार आयोग दिल्ली ने संज्ञान लिया था और प्रतिवेदन मांगा। इसके तहत कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह ने अपर कलेक्टर पीसी शाक्या के नेतृत्व में टीम गठित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। जांट टीम संबंधित क्षेत्र में पहुंची और मंदिर से शराब दुकान की दूरी नापी गई। इसमें पाया गया कि मंदिर से शराब दुकान की दूरी मात्र 50 मीटर है, जबकि अस्पताल और शराब दुकान की दीवार एक ही है। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि मंदिर सरकारी न्यास में रजिस्टर्ड ही नहीं है। वहीं अस्पताल के संबंध में बताया गया कि इसका उल्लेख गजट में ही ही नहीं। दरअसल सरकार के शराब दुकानों को लेकर 2023 में जारी किए गए गजट में यह स्पष्ट कहा गया है, कि यदि मंदिर सरकारी न्यास में रजिस्टर्ड होता तो 100 मीटर की दूरी का नियम लागू हो सकता था। चूंकि यह रजिस्टर्ड नहीं है, इसलिए 100 मीटर दूरी का नियम लागू नहीं होता है। आबकारी उपायुक्त वीरेंद्र धाकड़ के अनुसार शराब दुकान मामले की रिपोर्ट आयोग को भेज दी गई है।
